फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   रिश्तों में गैर बराबरी, जाति-धर्म के झगड़े परेशानी के कारण

रिश्तों में गैर बराबरी, जाति-धर्म के झगड़े परेशानी के कारण

Sat, 09 Dec 2017 02:14 AM IST
Updated Sat, 09 Dec 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
रिश्तों में गैर बराबरी, जाति-धर्म के झगड़े परेशानी के कारण
वाराणसी। जीवन विद्या संस्थान के तीन दिवसीय सम्मेलन का पहला दिन परिवार मूलक स्वराज्य व्यवस्था पर केंद्रित रहा। इस दौरान देश के विभिन्न इलाकों से आए वक्ताओं ने परिवार और समाज में तालमेल के अभाव के साथ ही संबंधों के निर्वहन, संयुक्त परिवार जैसे सामाजिक महत्व के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि परिवार-समाज एवं रिश्तों में गैर बराबरी, जाति-धर्म के झगड़े परेशानी के कारण बन गए हैं। बेरोजगारी, अपराध, नशा, असुरक्षा की पीड़ा से समाज जूझ रहा है। जहरीली होती हवा, सूखते नदी-तालाब जन-जीवन के लिए दुखदायी बन रहे हैं। धन संग्रह करने के बाद भी मनुष्य सुखी नहीं है। ऐसे में समय रहते चेतने की जरूरत है। 10 दिसंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में शिक्षा, संस्कार और अभियान की सूत्रता विषय पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन

आईआईटी निदेशक प्रो. राजीव संगल की मौजूदगी में विश्वेश्वरैया छात्रावास परिसर में आयोजित सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन एक मध्यस्थ दर्शन है। ऐसा दर्शन जो विखंडित, शोषक, अंधी दौड़, बेतहाशा संग्रह में जुटे समाज को बचाने और उसमें समझदारी विकसित करता है। पहले दिन वंदना गीत से शुरू होकर देर शाम तक चले कार्यक्रम में निशा संगल, संजीव, राजीव संगल, हिमांशु दुगड़, अंकित, अमित, मोहनलाल, मीना, तोमन आदि ने अलग-अलग सत्रों में परिवार व्यवस्था की चर्चा की। बताया कि ये एक प्रामाणिक पाठ्यक्रम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसके अनुसार जीवन यापन और सामूहिक परिवार संरचना में देश में कई जगह प्रामाणिक रूप में विकसित होना है। ये वार्षिक सम्मेलन इस दर्शन को समझने और प्रामाणिक रूप से जीने की प्रक्रिया में जुटे लोगों का एकजुट होकर अनुभव बाँटना है। साथ ये भी कि अगर ये समृद्धि और सुख पूर्वक समाधान को प्रस्तुत कर रहा है तो इसे और लोगों तक पहुँचने के कार्य में जुटना है। इस दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी हस्तनिर्मित सामानों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed