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दीपक मधोक सात नवंबर को अदालत में तलब
Updated Wed, 04 Oct 2017 02:11 AM IST
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वाराणसी। सनबीम शिक्षण समूह के चेयरमैन दीपक मधोक के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में चार साल बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। मामले में अदालत ने आरोपी दीपक मधोक को सात नवंबर को तलब किया है। अदालत में हाजिर होने के लिए दीपक मधोक के जवाहर नगर, भेलूपुर स्थित आवास पर सम्मन भेजा गया है। दोनों मुकदमों की विवेचना पूर्व कैंट इंस्पेक्टर विपिन राय ने की थी। उनके द्वारा दोनों मामलों में तैयार किए गए आरोप पत्र को क्षेत्राधिकारी कैंट के माध्यम से बीते 29 सितंबर को अदालत में दाखिल किया गया।
कैंट थाने में दीपक मधोक के खिलाफ दर्ज पहले मामले के वादी राकेश न्यायिक हैं। इस मामले में विवेचक ने पूर्व विवेचना अधिकारियों और स्वयं द्वारा की गई विवेचना के बाद पाया कि आरोपी दीपक मधोक द्वारा धोखाधड़ी करके सार्वजनिक नाले में ह्यूज पाइप डालकर बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया। सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा कर क्षति पहुंचाई गई। दाखिल आरोप पत्र में नौ गवाहों का जिक्र किया गया है। विवेचक के अनुसार आरोपी का कृत्य भारतीय दंड संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर कोर्ट से ट्रायल करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले से संबंधित मुकदमा कोर्ट के आदेश पर 29 सितंबर 2013 को कैंट थाने में दर्ज किया गया था। मामले की पैरवी अधिवक्ता अमरेंद्र विक्रम सिंह ने की थी।
वहीं, दूसरे मामले की वादिनी शिवपुर थाना के लश्कर गांव की रमापति उर्फ रंपतिया उर्फ रामरती हैं। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर दीपक मधोक व उनके बेटे हर्ष मधोक के खिलाफ कैंट थाने में 30 सितंबर 2013 को मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले की भी विवेचना पूर्व विवेचकों के बाद विवेचक विपिन राय ने की और सिर्फ दीपक मधोक के खिलाफ आरोप पाया। कहा गया कि धोखाधड़ी से पट्टा से अधिक 138.18 वर्गमीटर जमीन पर अवैध कब्जा करके आरोपी दीपक मधोक ने हॉस्टल का निर्माण कराया। वादिनी के पुत्र नंदलाल ने अपनी जमीन खाली करने का अनुरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में 11 गवाहों का जिक्र किया गया है। विवेचक के अनुसार आरोपी का कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर कोर्ट से ट्रायल करने का अनुरोध किया गया है।
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कैंट थाने में दीपक मधोक के खिलाफ दर्ज पहले मामले के वादी राकेश न्यायिक हैं। इस मामले में विवेचक ने पूर्व विवेचना अधिकारियों और स्वयं द्वारा की गई विवेचना के बाद पाया कि आरोपी दीपक मधोक द्वारा धोखाधड़ी करके सार्वजनिक नाले में ह्यूज पाइप डालकर बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया। सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा कर क्षति पहुंचाई गई। दाखिल आरोप पत्र में नौ गवाहों का जिक्र किया गया है। विवेचक के अनुसार आरोपी का कृत्य भारतीय दंड संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर कोर्ट से ट्रायल करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले से संबंधित मुकदमा कोर्ट के आदेश पर 29 सितंबर 2013 को कैंट थाने में दर्ज किया गया था। मामले की पैरवी अधिवक्ता अमरेंद्र विक्रम सिंह ने की थी।
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वहीं, दूसरे मामले की वादिनी शिवपुर थाना के लश्कर गांव की रमापति उर्फ रंपतिया उर्फ रामरती हैं। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर दीपक मधोक व उनके बेटे हर्ष मधोक के खिलाफ कैंट थाने में 30 सितंबर 2013 को मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले की भी विवेचना पूर्व विवेचकों के बाद विवेचक विपिन राय ने की और सिर्फ दीपक मधोक के खिलाफ आरोप पाया। कहा गया कि धोखाधड़ी से पट्टा से अधिक 138.18 वर्गमीटर जमीन पर अवैध कब्जा करके आरोपी दीपक मधोक ने हॉस्टल का निर्माण कराया। वादिनी के पुत्र नंदलाल ने अपनी जमीन खाली करने का अनुरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में 11 गवाहों का जिक्र किया गया है। विवेचक के अनुसार आरोपी का कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में पाए जाने पर कोर्ट से ट्रायल करने का अनुरोध किया गया है।
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