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सीता का दुख देख नम हुईं दर्शकों की आंखें
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:55 AM IST
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वाराणसी। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के वाराणसी केंद्र की ओर से भवभूति के उत्तर राम चरित पर आधारित ‘उत्तर सीता-राम चरित’ नाटक का मंचन किया गया। भारतीय शास्त्रीय अभिनय पद्धति पर आधारित इस नाटक की कहानी सीता के इर्द-गिर्द घूमती है। नाटक में राम के राज्याभिषेक, सीता के परित्याग और उसके बाद के राम विरह के दृश्यों को बखूबी जीवंत किया गया।
सीता के परित्याग लेकर लव कुश के लालन पालन के दौरान सीता के समक्ष आई कठिनाइयों को कलाकारों अपने बेहतरीन अभिनय से जीवंत किया और नारी सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। नाटक के पहले ही दिन 25 कलाकारों की इस टीम ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। सीआर जम्बे द्वारा निर्देशित इस नाटक में राम की भूमिका में सोनू रहे। वहीं सीता की भावपूर्ण भूमिका मृण्मयी पांडेय ने निभाई। जटायु की भूमिका में निनित नेगी रहे, वहीं लव का किरदार शिल्पी और कुश का किरदार अंजलि ने बखूबी निभाया। संयोजन अर्पित शिधोरे का रहा।
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सीता के परित्याग लेकर लव कुश के लालन पालन के दौरान सीता के समक्ष आई कठिनाइयों को कलाकारों अपने बेहतरीन अभिनय से जीवंत किया और नारी सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। नाटक के पहले ही दिन 25 कलाकारों की इस टीम ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। सीआर जम्बे द्वारा निर्देशित इस नाटक में राम की भूमिका में सोनू रहे। वहीं सीता की भावपूर्ण भूमिका मृण्मयी पांडेय ने निभाई। जटायु की भूमिका में निनित नेगी रहे, वहीं लव का किरदार शिल्पी और कुश का किरदार अंजलि ने बखूबी निभाया। संयोजन अर्पित शिधोरे का रहा।
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