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वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, आठ कोच के नौ शीशे क्षतिग्रस्त
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वाराणसी। नई दिल्ली से वाराणसी आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर रविवार को कानपुर के प्रेमपुर और सरसौल के बीच आधा दर्जन अराजकतत्वों ने पथराव कर दिया। आठ कोच के दरवाजे व खिड़कियों के नौ शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते कोच में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन के वाराणसी पहुंचने पर अज्ञात के खिलाफ बलवा सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद मुकदमा जीआरपी कानपुर को स्थानांतरित कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन की ओर से जीआरपी को मिले मेमो के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस कानपुर से आगे बढ़ी थी कि सरसौल रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल के पास झाड़ियों में छिपे आधा दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया। सुबह करीब 10:45 बजे घटी इस घटना से ट्रेन के सी-2 के सीट नंबर 18-19, सी-3 में मेन डोर का शीशा, सी-4 सीट नंबर 50-51, सी-6 में 28-29 का शीशा, कोच ई-1 में सीट नंबर 43-44, सी-8 में सीट नंबर 28 व 29 तथा 43-44 , सी-10 कोच के सीट नंबर 18-19, सी-11 में सीट नंबर पांच व छह बर्थ के शीशे टूट गए। सी-8 में दो शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। गार्ड सरोज कुमार ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। वंदे भारत का मामला होने के कारण बोर्ड से लेकर मंत्रालय तक फोन घनघनाने लगे। इलाहाबाद में ट्रेन के ज्यादा देर तक न रुकने की वजह से मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका। जब ट्रेन वाराणसी पहुंची तो जीआरपी ने मेमो के आधार पर मुकदमा लिखा और कार्रवाई के लिए कानपुर स्थानांतरित किया। वहीं, ट्रेन की क्षतिग्रस्त खिड़की को टेप आदि से चिपकाया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कानपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।
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रेलवे प्रशासन की ओर से जीआरपी को मिले मेमो के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस कानपुर से आगे बढ़ी थी कि सरसौल रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल के पास झाड़ियों में छिपे आधा दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया। सुबह करीब 10:45 बजे घटी इस घटना से ट्रेन के सी-2 के सीट नंबर 18-19, सी-3 में मेन डोर का शीशा, सी-4 सीट नंबर 50-51, सी-6 में 28-29 का शीशा, कोच ई-1 में सीट नंबर 43-44, सी-8 में सीट नंबर 28 व 29 तथा 43-44 , सी-10 कोच के सीट नंबर 18-19, सी-11 में सीट नंबर पांच व छह बर्थ के शीशे टूट गए। सी-8 में दो शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। गार्ड सरोज कुमार ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। वंदे भारत का मामला होने के कारण बोर्ड से लेकर मंत्रालय तक फोन घनघनाने लगे। इलाहाबाद में ट्रेन के ज्यादा देर तक न रुकने की वजह से मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका। जब ट्रेन वाराणसी पहुंची तो जीआरपी ने मेमो के आधार पर मुकदमा लिखा और कार्रवाई के लिए कानपुर स्थानांतरित किया। वहीं, ट्रेन की क्षतिग्रस्त खिड़की को टेप आदि से चिपकाया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कानपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।
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