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आईआईटी बीएचयू की छात्रा ने खाया जहर
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वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के मेटलर्जी विभाग की एक छात्रा ने शुक्रवार की सुबह हॉस्टल के कमरे में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। रूम पार्टनरों की सूचना पर छात्रावास पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और सर सुंदरलाल चिकित्सालय की इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां उपचार के बाद शाम को उसे छुट्टी दे दी गई। कमरे से दो पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है।
मध्यप्रदेश की रहने वाली छात्रा गांधी स्मृति छात्रावास (गार्गी) में रहकर प्रीपेरटरी कोर्स में पढ़ाई कर रही है। सुबह नौ बजे अचानक छात्रावास का कमरा बंद कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही अन्य छात्राओं ने दरवाजा खोलवाने का प्रयास किया लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो इसकी सूचना वार्डेन को दी। उधर वार्डेन की सूचना पर ज्वाइंट चीफ प्रॉक्टर डॉ. प्रभाकर सिंह प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे और तत्काल बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। सूचना मिलते ही निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन भी इमरजेंसी पहुंचे और छात्रा का हालचाल जाना। निदेशक ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के बाद घर वालों को बुलाकर उसे घर भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले ही किसी साथी से मन मुटाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया।
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मध्यप्रदेश की रहने वाली छात्रा गांधी स्मृति छात्रावास (गार्गी) में रहकर प्रीपेरटरी कोर्स में पढ़ाई कर रही है। सुबह नौ बजे अचानक छात्रावास का कमरा बंद कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही अन्य छात्राओं ने दरवाजा खोलवाने का प्रयास किया लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो इसकी सूचना वार्डेन को दी। उधर वार्डेन की सूचना पर ज्वाइंट चीफ प्रॉक्टर डॉ. प्रभाकर सिंह प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे और तत्काल बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। सूचना मिलते ही निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन भी इमरजेंसी पहुंचे और छात्रा का हालचाल जाना। निदेशक ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के बाद घर वालों को बुलाकर उसे घर भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले ही किसी साथी से मन मुटाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया।
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