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आखिर मलबे में कहां से आए इतने शिवलिंग
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वाराणसी। मलबे के ढेर में सवा सौ शिवलिंग मिलने के मामले में सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में शिवलिंग मलबे में कैसे पहुंचे और प्रशासनिक मशीनरी को इसकी भनक तक नहीं लगी। शहर में हो रहे विकास कार्य के दौरान सक्रिय मलबा ठेकेदार प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ही मनमाने हो गए हैं।
बुधवार को लंका क्षेत्र के रोहित नगर विस्तार में 126 शिवलिंग निकाले जा चुके हैं और 50 से ज्यादा शिवलिंग मलबे में दबे होने का आरोप लगाया जा रहा है। धर्म नगरी में आस्था के साथ हुए खिलवाड़ पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। मगर, अब तक यह बात सामने नहीं आई है कि यह मलबा कहां से लाया गया। उधर, अपर जिलाधिकारी नगर विनय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
धरने पर बैठे संत और नेता
मलबे के ढेर में मूर्ति तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही विद्या मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंच गए। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय भी पहुंचे और लंका थाने पर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद अपने शिष्यों के साथ पहुंचकर कूड़े में मूर्ति फेंका देख कर मलबा गिरवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे। करीब चार घंटे बाद मौके पर एसपी सिटी व एडीएम सिटी कई थानों के फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे और अजय राय और अविमुक्तेश्वरा नन्द से बात बातचीत करने लगे । काफी प्रयास के बाद पूर्व विधायक अजय राय की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं अविमुक्तेश्वरा नन्द के साथ पहुंच कर अवशेष और मूर्ति मिलाकर 43 को अलग रखा। थाने पर रखने को लेकर पुलिस के प्रति आक्रोश था।
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बुधवार को लंका क्षेत्र के रोहित नगर विस्तार में 126 शिवलिंग निकाले जा चुके हैं और 50 से ज्यादा शिवलिंग मलबे में दबे होने का आरोप लगाया जा रहा है। धर्म नगरी में आस्था के साथ हुए खिलवाड़ पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। मगर, अब तक यह बात सामने नहीं आई है कि यह मलबा कहां से लाया गया। उधर, अपर जिलाधिकारी नगर विनय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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धरने पर बैठे संत और नेता
मलबे के ढेर में मूर्ति तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही विद्या मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंच गए। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय भी पहुंचे और लंका थाने पर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद अपने शिष्यों के साथ पहुंचकर कूड़े में मूर्ति फेंका देख कर मलबा गिरवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे। करीब चार घंटे बाद मौके पर एसपी सिटी व एडीएम सिटी कई थानों के फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे और अजय राय और अविमुक्तेश्वरा नन्द से बात बातचीत करने लगे । काफी प्रयास के बाद पूर्व विधायक अजय राय की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं अविमुक्तेश्वरा नन्द के साथ पहुंच कर अवशेष और मूर्ति मिलाकर 43 को अलग रखा। थाने पर रखने को लेकर पुलिस के प्रति आक्रोश था।
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