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मंदिरों की जांच करने पहुंची पुरातत्व विभाग की टीम
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:11 AM IST
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वाराणसी। मंदिर कॉरीडोर में मिल रहे हैं प्राचीन मंदिरों की जांच के लिए पुरातत्व विभाग की टीम कॉरिडोर क्षेत्र में पहुंची। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में मिलने वाले सभी पुराने मंदिरों का अध्यययन शुरू किया। अध्ययन के बाद इसकी जांच रिपोर्ट मंदिर प्रशासन को सौंपेंगे।
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट तक बन रहे मंदिर कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 43 प्राचीन मंदिर मिले हैं। इनमें से एक मंदिर विश्वनाथ मंदिर जैसा दिख रहा है वहीं कई और मंदिर में हैं जो प्राचीन वास्तु कला को प्रदर्शित कर रहे हैं। कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह सभी मंदिर 16 वीं और 18वीं सदी के मंदिर हैं, जिन पर समुद्र मंथन और परमार काल की वास्तुकला की नक्काशी की गई है। इनकी सत्यता जाने के लिए पुरातत्व विभाग की टीम कॉरिडोर क्षेत्र में जाकर जांच कर रही है। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि इसकी जांच के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा गया है। उस पत्र के आधार पर ही विभाग की पूरी टीम अपनी कार्रवाई कर रही है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह मंदिर कितना प्राचीन है और किस काल के हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट तक बन रहे मंदिर कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 43 प्राचीन मंदिर मिले हैं। इनमें से एक मंदिर विश्वनाथ मंदिर जैसा दिख रहा है वहीं कई और मंदिर में हैं जो प्राचीन वास्तु कला को प्रदर्शित कर रहे हैं। कुछ इतिहासकारों का यह मानना है कि यह सभी मंदिर 16 वीं और 18वीं सदी के मंदिर हैं, जिन पर समुद्र मंथन और परमार काल की वास्तुकला की नक्काशी की गई है। इनकी सत्यता जाने के लिए पुरातत्व विभाग की टीम कॉरिडोर क्षेत्र में जाकर जांच कर रही है। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि इसकी जांच के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा गया है। उस पत्र के आधार पर ही विभाग की पूरी टीम अपनी कार्रवाई कर रही है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह मंदिर कितना प्राचीन है और किस काल के हैं।
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