{"_id":"5bc8ed6fbdec22697e53889c","slug":"201539894639-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी बीएचयू में एक आदेश ने मचाई हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी बीएचयू में एक आदेश ने मचाई हलचल
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में छात्र-छात्राओं द्वारा धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल आदि पर रोक लगाए जाने के आदेश को लेकर हलचल मची हुई है। दस अक्तूबर को जारी एक आदेश में परिसर में शैक्षणिक माहौल बनाए जाने का हवाला देते हुए धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने का जिक्र किया गया है साथ ही ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। उधर, छात्र-छात्राओं ने आदेश के विरोध में कुलसचिव को एक पत्र भेजकर इस आदेश पर सवाल खड़ा करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। सूत्रों की माने तो विजयादशमी के बाद छात्र इसको लेकर निदेशक से मिलने की तैयारी में हैं।
आईआईटी में छात्राओं के हॉस्टल में रात 10 बजे तक लौटने की पाबंदी का विरोध करते हुए छात्र-छात्राओं ने तीन अक्तूबर को हस्ताक्षर अभियान चलाया था। इसके बाद निदेशक को पत्र लिखकर पाबंदी हटाने की मांग की थी। माना जा रहा है कि छात्रों के इसी कदम के बाद आईआईटी प्रशासन ने धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि पर रोक लगाने का फैसला लिया है। दस अक्तूबर को जारी आदेश के बाद कुलसचिव को जो पत्र छात्र-छात्राओं ने दिया है, उसमें फैसले को मूल अधिकारों के विपरीत बताते हुए वापस लेने की मांग की है। इधर, दोनों तरफ से लेटरबाजी को लेकर परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
विज्ञापन
आईआईटी में छात्राओं के हॉस्टल में रात 10 बजे तक लौटने की पाबंदी का विरोध करते हुए छात्र-छात्राओं ने तीन अक्तूबर को हस्ताक्षर अभियान चलाया था। इसके बाद निदेशक को पत्र लिखकर पाबंदी हटाने की मांग की थी। माना जा रहा है कि छात्रों के इसी कदम के बाद आईआईटी प्रशासन ने धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि पर रोक लगाने का फैसला लिया है। दस अक्तूबर को जारी आदेश के बाद कुलसचिव को जो पत्र छात्र-छात्राओं ने दिया है, उसमें फैसले को मूल अधिकारों के विपरीत बताते हुए वापस लेने की मांग की है। इधर, दोनों तरफ से लेटरबाजी को लेकर परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
विज्ञापन