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एक ओर चिता तो दूसरी ओर चिंता से मुक्ति
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। मोक्ष की नगरी काशी में घर से लेकर गंगा घाट तक देवदीपावली धूमधाम से मनाई गई। एक ओर मणिकर्णिका घाट पर जहां चिताए जल रही थी तो वहीं दूसरी ओर भैंसासुर (राजघाट) पर भजन सम्राट अनूप जलोटा भक्ति गीत के जरिए लोगों को चिंता से मुक्ति दिला रहे थे। शनिवार की शाम जैसे ही अस्ताचलगामी का प्रकाश कम हुआ तो घाटों पर मानों अनेक छोटे सूर्य दीपक के रूप में जलने लगे। इस नयनाभिराम दृश्य को न केवल लोगों ने मन मंदिर में बसाया बल्कि कैमरों में भी कैद किया। भीड़ ऐसी की लोगों को चलने के बजाय रेंगना पड़ा।
केंद्रीय देव दीपावली समिति ने भोंसले घाट पर अप्पा जी, श्याम बिहारी व्यास, भगवती प्रसाद सेठ, नन्हेराम यादव, प्रमोद यादव को दीयों के साथ याद किया। इनके अलावा पंचगंगा स्पोर्टिंग क्लब की ओर से भी ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी को श्रद्धांजलि दीपदान के जरिए दी। यहां दो हजारा दीप जलाए गए। आकर्षक रंगोली बनाई गई।
गणेश घाट और गुलेरिया कोठी के पास आकर्षक सजावट की गई। मेहता स्पोर्टिंग क्लब ने आतिशबाजी की। जटार घाट पर आरती और राजा ग्वालियर घाट को गुब्बारे से सजाया गया। बालाजी और पंचगंगा घाट पर बड़े दीये और आकाशदीप जलाए गए। यहां श्रीमठ की ओर से बजड़े पर देवदीपावली महोत्सव मनाया गया। हजारा का पूजन हुआ। महाआरती भजन का कार्यक्रम के साथ दीपदान हुआ।
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केंद्रीय देव दीपावली समिति ने भोंसले घाट पर अप्पा जी, श्याम बिहारी व्यास, भगवती प्रसाद सेठ, नन्हेराम यादव, प्रमोद यादव को दीयों के साथ याद किया। इनके अलावा पंचगंगा स्पोर्टिंग क्लब की ओर से भी ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी को श्रद्धांजलि दीपदान के जरिए दी। यहां दो हजारा दीप जलाए गए। आकर्षक रंगोली बनाई गई।
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गणेश घाट और गुलेरिया कोठी के पास आकर्षक सजावट की गई। मेहता स्पोर्टिंग क्लब ने आतिशबाजी की। जटार घाट पर आरती और राजा ग्वालियर घाट को गुब्बारे से सजाया गया। बालाजी और पंचगंगा घाट पर बड़े दीये और आकाशदीप जलाए गए। यहां श्रीमठ की ओर से बजड़े पर देवदीपावली महोत्सव मनाया गया। हजारा का पूजन हुआ। महाआरती भजन का कार्यक्रम के साथ दीपदान हुआ।
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