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गरीबों को न्याय दिलाएं, अपराधियों को दंड
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:35 AM IST
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरी ताकत, तत्परता और पारदर्शिता के साथ गरीबों को न्याय दिलाया जाए और अपराधियों को दंड। अपराधियों में भय नहीं होगा तो गरीब न्याय के लिए भटकता रहेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला और मंडल के उच्चाधिकारियों से मुखातिब सीएम ने जनशिकायतों का सही तरीके से समाधान न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। अफसरों को संवेदनशील होने की नसीहत दी। दो टूक कहा, जनसमस्याओं का समाधान हर हाल में पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ समय से कराया जाए। इसमें कोताही हुई तो अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। सीएम ने तहसील और थाना समाधान दिवस की तरह ब्लॉक मुख्यालयों पर समाधान दिवस के आयोजन के भी निर्देश दिए। साथ ही, 20 जून तक लंबित शिकायतों के निबटारे के लिए 31 जुलाई की समयसीमा तय की।
आईजीआरएस पोर्टल पर आई जन शिकायतोें के समाधान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान तहसील, विकास खंड और थाने से जुड़ी सर्वाधिक शिकायतें आती हैं। इनमें से भी खासतौर से जमीन और मकान पर कब्जे के सर्वाधिक मामले रहते हैं। बिना किसी भेदभाव के मुकदमे दर्ज कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के समाधान के लिए कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी की जिम्मेदारी भी तय की। कहा, शिकायतों के समाधान की प्रत्येक हफ्ते समीक्षा करें और निस्तारित प्रार्थना पत्रों का सत्यापन कराएं। मुख्यमंत्री ने यूपी 100 की पीआरवी और पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाने के अलावा बाढ़ से निबटनेे की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने जिले के 97 फीसदी शिकायत पत्रों के निबटारे की जानकारी दी। इस दौरान कमिश्नरी के एनआईसी सभागार में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, एडीजी जोन बी महापात्रा, आईजी रेंज दीपक रतन और एसएसपी आरके भारद्वाज मौजूद रहे।
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आईजीआरएस पोर्टल पर आई जन शिकायतोें के समाधान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान तहसील, विकास खंड और थाने से जुड़ी सर्वाधिक शिकायतें आती हैं। इनमें से भी खासतौर से जमीन और मकान पर कब्जे के सर्वाधिक मामले रहते हैं। बिना किसी भेदभाव के मुकदमे दर्ज कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के समाधान के लिए कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी की जिम्मेदारी भी तय की। कहा, शिकायतों के समाधान की प्रत्येक हफ्ते समीक्षा करें और निस्तारित प्रार्थना पत्रों का सत्यापन कराएं। मुख्यमंत्री ने यूपी 100 की पीआरवी और पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाने के अलावा बाढ़ से निबटनेे की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने जिले के 97 फीसदी शिकायत पत्रों के निबटारे की जानकारी दी। इस दौरान कमिश्नरी के एनआईसी सभागार में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, एडीजी जोन बी महापात्रा, आईजी रेंज दीपक रतन और एसएसपी आरके भारद्वाज मौजूद रहे।
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