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Varanasi News: गौतम बुद्ध पर हुए 200 रिसर्च बीएचयू में रखे गए, 9 देशों और 24 राज्यों के इतिहासकार आए

Fri, 13 Mar 2026 01:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:55 AM IST
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200 research papers on Gautam Buddha were presented at BHU, and historians from 9 countries and 24 states visited.
बीएचयू को गौतम बुद्ध पर दुनियाभर में हुए 200 से ज्यादा शोध मिले। 9 देशों और 24 राज्यों के इतिहासकारों की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इन्हें प्रस्तुत किया गया। इन शोधों में से यह भी निकलकर आया कि वर्तमान में युद्ध की परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है। अमेरिकी वैज्ञानिक प्रो. फेडरिक एल कूलिज ने मनोविज्ञान और पुरातत्व को जोड़ा। उन्होंने कहा कि इससे मानव और समाज के प्राचीन व्यवहार के रहस्यों को खोला जा सकता है।
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प्राचीन मानव समाजों की वास्तविक क्षमताओं, व्यावहारिक पैटर्न और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को समझा जा सकता है। इनके अलावा 200 शोधों में बौद्ध इतिहास, पुरातत्व, कला, वास्तुकला, साहित्य, दर्शन और सांस्कृतिक अंतः क्रियाओं से संबंधित विविध विषयों पर आधारित रिसर्च भी थे। वहीं दक्षिण एशिया और उससे आगे के क्षेत्रों में बौद्ध धर्म की समृद्ध विरासत के अध्ययन को और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के शताब्दी वर्ष पर ये कार्यक्रम किया गया। दक्षिण एशिया में बौद्ध धर्म की खोज : विस्तार, पुरातत्व, कला और वास्तुकला और सांस्कृतिक प्रभाव विषय पर तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। इसमें जापान, थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका, भूटान सहित 9 देशों के बुद्ध विद्वान थे।
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नालंदा ने बौद्ध के दर्शन को फैलाया
सम्मेलन में नव नालंदा महाविहार के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि बौद्ध सिद्धांत आज भी आधुनिक चुनौतियों से निपटने में समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। पाली भाषा से भगवान बुद्ध की शिक्षाएं खूब प्रसारित की गईं। नालंदा विवि को प्राचीन काल के महानतम शिक्षा केंद्रों में से एक बताया। मुख्य अतिथि आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने आज के विश्व में बौद्ध दर्शन को प्रासंगिक बताया। कला संकाय की डीन प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में विभाग का बड़ा नाम है। विभागाध्यक्ष प्रो. महेश प्रसाद अहीरवार ने गौतम बुद्ध को लेकर विभागों में कई बौद्धिक और रिसर्च कार्य हो रहे हैं।
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अमेरिकी विद्वान ने पुरातत्व और मनोविज्ञान को जोड़ा
संयोजक प्रो. सुजाता गौतम ने सम्मेलन की रिपोर्ट रखी। सम्मेलन के तीसरे दिन ‘चूकॉलिंगो स्मारक व्याख्यान’ हुआ। इसमें आए अमेरिका के कोलोराडो विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. फेडरिक एल कूलिज ने मनोविज्ञान और पुरातत्व को जोड़ा। कहा कि इसके माध्यम से बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरातात्विक साक्ष्यों और मानवों के प्राचीन व्यवहार को समझने से कई रहस्यों को खोला जा सकता है।
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