फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   20 tons of zeolite procured from China for Made in Banaras Oxygen plant 50 years old technology will provide life to coronavirus patients

मेड इन बनारस ऑक्सीजन प्लांट के लिए चीन से मंगाया जा रहा 20 टन जियोलाइट, 50 साल पुरानी तकनीक से मरीजों को मिलेगी संजीवनी

Thu, 13 May 2021 05:46 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 13 May 2021 05:46 PM IST
सार

कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन के संकट से पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में मेड इन बनारस ऑक्सीजन  प्लांट की संजीवनी मरीजों को नया जीवन देगी. इसके लिए 20 टन जियोलाइट का आर्डर चीन को दिया गया है। ऑक्सीजन  को तैयार करने में 50 साल पुरानी तकनीक का ही इस्तेमाल किया गया है। 

विज्ञापन
20 tons of zeolite procured from China for Made in Banaras Oxygen plant 50 years old technology will provide life to coronavirus patients
रामनगर के व्यवसायियों द्वारा तैयार आक्सीजन प्लांट का ट्रायल सफलता पूर्वक पूरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन  के संकट से पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में मेड इन बनारस की संजीवनी मरीजों को नया जीवन देगी। रामनगर के व्यवसायियों द्वारा तैयार ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल सफलता पूर्वक पूरा हो चुका है। संभावना है कि इस प्लांट को चंदौली में स्थापित किया जाएगा। ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहे मरीजों के लिए यह खबर राहत भरी है।

विज्ञापन


ऑक्सीजन संकट से निजात दिलाने के लिए वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल की पहल पर रामनगर के रहने वाले एंटरप्रेन्योर विपिन अग्रवाल और गौतम चौधरी ने प्लांट तैयार कर लिया है। विपिन अग्रवाल ने बताया कि हम लोगों का व्यवसाय तो सीमेंट का है लेकिन जब अपने शहर में लोगों को ऑक्सीजन के संकट से जूझते देखा तो मन में ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने का ख्याल आया।
विज्ञापन


अपनी ही फैक्ट्री में ऑक्सीजन प्लांट को बनाने की पहल की। इसमें कमिश्नर दीपक अग्रवाल की मदद से बरेका से ब्वायलर तथा अन्य यंत्रों का इंतजाम किया। पिछले तीन दिनों से ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल चल रहा है। इसमें ऑक्सीजन की शुद्धता 99 फीसदी मिली है। प्लांट की क्षमता चार सौ एमलपी की है। उपलब्ध संसाधानों में अभी एक प्लांट तैयार हुआ है बाकी तीन और प्लांट तैयार करने हैं। इसके लिए 20 टन जियोलाइट का आर्डर चीन को दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

महामारी के कारण शिपमेंट में 50 से 60 दिन का समय लग रहा है। हमारा प्रयास है कि वहां से जियोलाइट को एयरलिफ्ट करा लिया जाए जिससे कि बाकी के प्लांट को जल्दी तैयार किया जा सके। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि यह ऑक्सीजन प्लांट चंदौली में स्थापित किया जाएगा। ट्रायल में ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता और गुणवत्ता दोनों बेहतर मिली है।

बताया कि ऑक्सीजन को तैयार करने में 50 साल पुरानी तकनीक का ही इस्तेमाल किया गया है। ऑक्सीजन को नॉन-क्रॉयोजेनिकली तरीके से भी गैस फॉर्म में उत्पादित किया जा सकता है। इसके लिए प्रेशर स्विंग एब्जॉप्रशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में उच्च दबाव में गैस ठोस सतहों की ओर आकर्षित होती है। दबाव जितना ज्यादा होगा, गैस का एब्जॉप्र्शन उतना ही ज्यादा होगा।

इस तकनीक में अगर नाइट्रोजन को ऑक्सीजन से ज्यादा स्ट्रॉन्ग तरीके से आकर्षित करने वाले जियोलाइट के एब्जॉर्बेंट बेड वाले वेसल में हवा को दबाव से गुजारा जाता है तो नाइट्रोजन उस बेड में रह जाती है। वेसल से निकलने वाली गैस में ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है। इस तरीके से अस्पताल वहीं के वहीं हवा से ऑक्सीजन जनरेट करने वाली डिवाइस भी लगाते हैं। ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर इसी तरीके पर काम करते हैं।

 

हवा से अशुद्धियों को निकाला जाता है बाहर

सबसे पहले प्रक्रिया में हवा को ठंडा करके उसमें से फिल्टर के जरिये धूल, तेल, नमी अन्य अशुद्धियों को निकाला जाता है। ऑक्सीजन प्लांट में हवा में से ऑक्सीजन को अलग कर लिया जाता है और एयर सेपरेशन तकनीक का उपयोग किया जाता है। यानी पहले हवा को कम्प्रेस किया जाता है, जिससे अशुद्धियां इसमें से निकल जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed