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प्रवासी हाथ बढ़ाएं तो दिखेगा साकारात्मक बदलाव : जनरल वीके सिंह
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वाराणसी। कंफ्लूएंस के संयोजन में प्रवासी भारतीयों की वैश्विक संस्था गोपियो के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में हुआ। 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि गोपियो राजनीतिक विचारधारा से इतर संगठन है जो उन सभी प्रवासी भारतीयों को एक मंच प्रदान करता है जो भारत के विकास में सहयोग करना चाहते है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में भारत में व्यापक बदलाव आया है। भारत अब सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि मन से भी साफ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ के दृष्टिकोण से प्रवासी भारतीय सम्मेलन को काशी में आयोजित करने का निश्चय किया। उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत के निर्माण में प्रवासी हाथ बढ़ाए तो ज्यादा सकारात्मक बदलाव दिख सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केंजे अल्फोंस शोर शराबे के चलते संबोधित नहीं कर सके। कार्यक्रम में गोपियो इंटरनेशनल के चैयरमैन डॉ. थामस अब्राहम व अध्यक्ष सन्नी कुलाथकल ने भी गोपियो और भारत के विकास ओर गतिविधियों की सराहना करते हुए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। सम्मेलन में दीपक व्यास, डॉ. राजीव मेहता आदि ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सौंदर्या गर्ग व धन्यवाद ज्ञापन स्मिता श्रीवास्तव ने दिया।
प्रवासी भारतीयों का हुआ सम्मान
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए गोपियो ंकी ओर से दो दर्जन से ज्यादा प्रवासियों का सम्मान किया गया। न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी एवं दक्षिण अफ्रीका के सांसद अनुमैन सिंह को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा मीना महाजन, संदीप मारवाह, आनंद साहू, स्मिता श्रीवास्तव, डॉ. सौंदर्या गर्ग, हफीज अहमद नवीन कपूर, अब्दुल घानी, सुनयना बिंदर छिब्बा सहित दर्जनों विशिष्टजनों का सम्मान विदेश राज्यमंत्री व पर्यटन मंत्री ने स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया।
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रैंप पर बिखरा जलवा
ंसम्मेलन में भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी बहार रही। सर्वप्रथम दिल्ली से आये दल ने कथक की प्रस्तुति दी। राहुल गंगानी के निर्देशन में गणेश वंदना के बाद तीन ताल में निबद्ध तराना और सरगम की प्रस्तुति हुई। अंत में मयूर भंज छाउ नृत्य की भी प्रस्तुति हुई। पंजाबी लोक गायिका लायल नैना ने जुगनी गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। सूफी गायक अमृतपाल सिंह ने अखियां उडीकदियां, छाप तिलक सब छीनी, रश्के कमर जैसे सूफीयाना गीतों की प्रस्तुति दी। सम्मेलन का समापन फैशन शो से हुआ।
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उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में भारत में व्यापक बदलाव आया है। भारत अब सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि मन से भी साफ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ के दृष्टिकोण से प्रवासी भारतीय सम्मेलन को काशी में आयोजित करने का निश्चय किया। उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत के निर्माण में प्रवासी हाथ बढ़ाए तो ज्यादा सकारात्मक बदलाव दिख सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री केंजे अल्फोंस शोर शराबे के चलते संबोधित नहीं कर सके। कार्यक्रम में गोपियो इंटरनेशनल के चैयरमैन डॉ. थामस अब्राहम व अध्यक्ष सन्नी कुलाथकल ने भी गोपियो और भारत के विकास ओर गतिविधियों की सराहना करते हुए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। सम्मेलन में दीपक व्यास, डॉ. राजीव मेहता आदि ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सौंदर्या गर्ग व धन्यवाद ज्ञापन स्मिता श्रीवास्तव ने दिया।
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प्रवासी भारतीयों का हुआ सम्मान
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए गोपियो ंकी ओर से दो दर्जन से ज्यादा प्रवासियों का सम्मान किया गया। न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी एवं दक्षिण अफ्रीका के सांसद अनुमैन सिंह को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा मीना महाजन, संदीप मारवाह, आनंद साहू, स्मिता श्रीवास्तव, डॉ. सौंदर्या गर्ग, हफीज अहमद नवीन कपूर, अब्दुल घानी, सुनयना बिंदर छिब्बा सहित दर्जनों विशिष्टजनों का सम्मान विदेश राज्यमंत्री व पर्यटन मंत्री ने स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया।
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ंसम्मेलन में भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी बहार रही। सर्वप्रथम दिल्ली से आये दल ने कथक की प्रस्तुति दी। राहुल गंगानी के निर्देशन में गणेश वंदना के बाद तीन ताल में निबद्ध तराना और सरगम की प्रस्तुति हुई। अंत में मयूर भंज छाउ नृत्य की भी प्रस्तुति हुई। पंजाबी लोक गायिका लायल नैना ने जुगनी गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। सूफी गायक अमृतपाल सिंह ने अखियां उडीकदियां, छाप तिलक सब छीनी, रश्के कमर जैसे सूफीयाना गीतों की प्रस्तुति दी। सम्मेलन का समापन फैशन शो से हुआ।