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गिरफ्तार आरोपियों ने दिया शपथ पत्र तो हटाया गायत्री का नाम
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:03 AM IST
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वाराणसी। जंगमबाड़ी निवासी फर्नीचर व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किए गए अभिषेक तिवारी और मान सिंह रावत ने शपथ पत्र दिया कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की इस प्रकरण में कोई भूमिका नहीं है। इसी आधार पर निलंबित किए गए दशाश्वमेध इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला ने गायत्री का नाम मुकदमे की विवेचना के दौरान निकाल दिया। इसे लेकर एसएसपी सोमवार को हैरान और खासे नाराज दिखे। एसएसपी का कहना था कि जब सर्विलांस और तफ्तीश मेें सब कुछ स्पष्ट था तो सह आरोपियों के शपथ पत्र के आधार पर मुख्य आरोपी का नाम विवेचना के दौरान कैसे हटा दिया गया। बताया कि पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा फर्नीचर व्यापारी की तहरीर पर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में दर्ज किया गया था। प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद वारंट बी के जरिये गायत्री को न्यायालय से तलब कराने की तैयारी थी। इसी बीच सामने आया कि विवेचना के दौरान गायत्री का नाम निकाल दिया गया है तो रविवार को एसएसपी ने इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला को निलंबित कर दिया। महकमे में चर्चा है कि इंस्पेक्टर ने गायत्री का नाम एक उच्चाधिकारी के इशारे पर विवेचना से निकाला था। उधर, इस प्रकरण से संबंधित दशाश्वमेध थाने में दर्ज रंगदारी के मुकदमे की केस डायरी सोमवार को क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि एसपी क्राइम को कहा गया है कि वो अपनी मानीटरिंग में विवेचना जल्द पूरी करा कर अदालत में चार्जशीट दाखिल करें। इस तरह के महत्वपूर्ण मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसपी ग्रामीण ने शुरू की जांच, जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट
गायत्री के खिलाफ दर्ज मुकदमे में किस स्तर पर क्या लापरवाही हुई। इसकी जांच एसएसपी के निर्देश पर सोमवार से एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने शुरू कर दी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि वादी, मुकदमे के विवेचक और पर्यवेक्षण अधिकारियों का बयान दर्ज कर रिपोर्ट जल्द ही एसएसपी को सौंप दी जाएगी।
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पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा फर्नीचर व्यापारी की तहरीर पर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में दर्ज किया गया था। प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद वारंट बी के जरिये गायत्री को न्यायालय से तलब कराने की तैयारी थी। इसी बीच सामने आया कि विवेचना के दौरान गायत्री का नाम निकाल दिया गया है तो रविवार को एसएसपी ने इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला को निलंबित कर दिया। महकमे में चर्चा है कि इंस्पेक्टर ने गायत्री का नाम एक उच्चाधिकारी के इशारे पर विवेचना से निकाला था। उधर, इस प्रकरण से संबंधित दशाश्वमेध थाने में दर्ज रंगदारी के मुकदमे की केस डायरी सोमवार को क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि एसपी क्राइम को कहा गया है कि वो अपनी मानीटरिंग में विवेचना जल्द पूरी करा कर अदालत में चार्जशीट दाखिल करें। इस तरह के महत्वपूर्ण मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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एसपी ग्रामीण ने शुरू की जांच, जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट
गायत्री के खिलाफ दर्ज मुकदमे में किस स्तर पर क्या लापरवाही हुई। इसकी जांच एसएसपी के निर्देश पर सोमवार से एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने शुरू कर दी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि वादी, मुकदमे के विवेचक और पर्यवेक्षण अधिकारियों का बयान दर्ज कर रिपोर्ट जल्द ही एसएसपी को सौंप दी जाएगी।
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