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कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने फूंका बीएचयू प्रशासन का पुतला
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में बिरला छात्रावास में रहने वाले शोध छात्र को छात्रावास संरक्षक की ओर से 24 सितंबर की घटना में शामिल न होने के प्रमाण के बाद भी हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाई है। गुरुवार को इसके विरोध में छात्रों ने बीएचूय सिंह द्वार पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला फूंका और साजिशन कार्रवाई का आरोप लगाते हुए छात्रावास की सुविधा बहाल करने की मांग की।
कुलसचिव की ओर से 13 अक्तूबर को जारी एक आदेश में 24 सितंबर को मारपीट की घटना का हवाला देते हुए 13 छात्रों को छात्रावास की सुविधा से वंचित करने का जिक्र था, इसमें बिरला बी छात्रावास में रहने वाले हिंदी विभाग के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी का नाम भी था। 17 अक्तूबर को बिरला छात्रावास बी के प्रशासनिक संरक्षक ने 24 सितंबर की रात मृत्युंजय के हॉस्टल के कमरे में रहने की रिपोर्ट दी है। इधर छात्रनेता अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पहुंचे छात्रों ने गुरुवार को पुतला फूंकने के बाद घटना की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों को बचा रहा है। इस दौरान प्रिंस, उत्कर्ष, मनीष, विवेक, प्रशांत, बृजमोहन, दुष्यंत आदि मौजूद रहे।
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कुलसचिव की ओर से 13 अक्तूबर को जारी एक आदेश में 24 सितंबर को मारपीट की घटना का हवाला देते हुए 13 छात्रों को छात्रावास की सुविधा से वंचित करने का जिक्र था, इसमें बिरला बी छात्रावास में रहने वाले हिंदी विभाग के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी का नाम भी था। 17 अक्तूबर को बिरला छात्रावास बी के प्रशासनिक संरक्षक ने 24 सितंबर की रात मृत्युंजय के हॉस्टल के कमरे में रहने की रिपोर्ट दी है। इधर छात्रनेता अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पहुंचे छात्रों ने गुरुवार को पुतला फूंकने के बाद घटना की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों को बचा रहा है। इस दौरान प्रिंस, उत्कर्ष, मनीष, विवेक, प्रशांत, बृजमोहन, दुष्यंत आदि मौजूद रहे।
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