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दो बड़े अफसर भाजपा के निशाने पर0
Updated Fri, 30 Mar 2018 02:11 AM IST
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वाराणसी। नगर निगम सदन की बैठक में हंगामा और तोड़फोड़ के अलावा महापौर मृदुला जायसवाल के साथ सड़क पर किया गया दुर्व्यवहार जिले के दो आला अफसरों पर भारी पड़ सकता है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो दोनों आला अफसरों में से एक की बनारस से विदाई तय हो गई है। जल्दी ही आदेश जारी होने की संभावना है।
गौरतलब है कि महापौर संग विपक्षियों की हरकत को भाजपा पार्षदों ने प्रदेश नेतृत्व के पास भेजा है। भाजपा पार्षद घटना के लिए डीएम और एसएसपी को जिम्मेदार मानते हुए दोनों अधिकारियों को हटाने की मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में गलत संकेत जाएगा। प्रदेश नेतृत्व के संपर्क में पार्टी नेताओं की मानें तो उन्हें कार्रवाई के लिए इंतजार करने का आश्वासन मिला है।
24 मार्च को सांस्कृतिक संकुल में निगम सदन की बैठक के दौरान जबरदस्त हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। घटनाक्रम से नाराज महापौर सरकारी वाहन छोड़कर तकरीबन दो किलोमीटर तक पैदल चली थीं। मामले में नगर निगम प्रशासन और एक भाजपा पार्षद की ओर से कैंट थाने में 11 नामजद और 10 से ज्यादा अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी बीच शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। साथ ही, पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय को बताया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मामला तूल पकड़ गया।
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घोटाले छिपाने के लिए चुनाव टालना चाहती है भाजपा : मिश्रा
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार और घोटालों को छिपाने के लिए भाजपा नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव को टालने में जुटी है। भाजपा को डर है कि कार्यकारिणी में विपक्ष का बहुमत होने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाएगा। यह भी कहा, शहर में चल रही अधिकांश योजनाओं की नोडल एजेंसी नगर निगम है और वहां का पूरा तंत्र घपले-घोटाले में डूबा है।
निगम के मनमानेपन से पिछले चार साल से आम आदमी ऊबड़-खाबड़ सड़कों व गलियों, गंदगी और पेयजल के नाम पर सीवरयुक्त पानी पीने को मजबूर है। लोग हड्डी और गला रोग (स्पाइनल डिजीज) से ग्रस्त हो रहे हैं। इस पर कोई सवाल न उठाए, हकीकत न जान पाए, इसे छिपाने में पूरी भाजपा और मेयर जुट गई हैं। चुनाव होने पर मेयर व नगर निगम प्रशासन को सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को कार्यकारिणी के समक्ष रखना होगा।
डॉ. मिश्र ने सदन के अंदर-बाहर घटी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय बताते हुए कहा कि इससे सदन की मर्यादा घटी है। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना से कुछ सवाल भी खड़े होते है। लोगों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस, सपा और निर्दल पार्षदों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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गौरतलब है कि महापौर संग विपक्षियों की हरकत को भाजपा पार्षदों ने प्रदेश नेतृत्व के पास भेजा है। भाजपा पार्षद घटना के लिए डीएम और एसएसपी को जिम्मेदार मानते हुए दोनों अधिकारियों को हटाने की मांग कर चुके हैं। माना जा रहा है कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में गलत संकेत जाएगा। प्रदेश नेतृत्व के संपर्क में पार्टी नेताओं की मानें तो उन्हें कार्रवाई के लिए इंतजार करने का आश्वासन मिला है।
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24 मार्च को सांस्कृतिक संकुल में निगम सदन की बैठक के दौरान जबरदस्त हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। घटनाक्रम से नाराज महापौर सरकारी वाहन छोड़कर तकरीबन दो किलोमीटर तक पैदल चली थीं। मामले में नगर निगम प्रशासन और एक भाजपा पार्षद की ओर से कैंट थाने में 11 नामजद और 10 से ज्यादा अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी बीच शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। साथ ही, पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय को बताया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मामला तूल पकड़ गया।
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घोटाले छिपाने के लिए चुनाव टालना चाहती है भाजपा : मिश्रा
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार और घोटालों को छिपाने के लिए भाजपा नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव को टालने में जुटी है। भाजपा को डर है कि कार्यकारिणी में विपक्ष का बहुमत होने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाएगा। यह भी कहा, शहर में चल रही अधिकांश योजनाओं की नोडल एजेंसी नगर निगम है और वहां का पूरा तंत्र घपले-घोटाले में डूबा है।
निगम के मनमानेपन से पिछले चार साल से आम आदमी ऊबड़-खाबड़ सड़कों व गलियों, गंदगी और पेयजल के नाम पर सीवरयुक्त पानी पीने को मजबूर है। लोग हड्डी और गला रोग (स्पाइनल डिजीज) से ग्रस्त हो रहे हैं। इस पर कोई सवाल न उठाए, हकीकत न जान पाए, इसे छिपाने में पूरी भाजपा और मेयर जुट गई हैं। चुनाव होने पर मेयर व नगर निगम प्रशासन को सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को कार्यकारिणी के समक्ष रखना होगा।
डॉ. मिश्र ने सदन के अंदर-बाहर घटी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय बताते हुए कहा कि इससे सदन की मर्यादा घटी है। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना से कुछ सवाल भी खड़े होते है। लोगों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस, सपा और निर्दल पार्षदों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।