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मां सिद्धिदात्री की पूजा के बाद किया पारण
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:15 AM IST
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ज्ञानपुर। देवी आराधना के पवित्र पर्व वासंतिक नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को देवी आदि शक्ति के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना की गई। इसी के साथ भगवती आराधना के नौ दिनी अनुष्ठान का समापन हो गया। नवरात्र का व्रत रखने वालों ने कन्या पूजन के साथ व्रत का पारण किया। कुछ श्रद्धालु सोमवार को पारण करेंगे।
चैत नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्र के पहले दिन से घरों में कलश स्थापित कर चल रहे सप्तशती का पाठ भी संपन्न हो गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं देवी गीत के बीच देवी मंदिर एवं आसपास के इलाके भक्ति भाव में लीन रहे। छोटे से लेकर बड़े मंदिरो में सुबह से लेकर दोपहर तक लोग हवन-पूजन किया और मां भगवती से सुख समृद्धि की कामना की। ज्ञानपुर से सटे घोपइला देवी मंदिर, गोपीगंज के दुर्गा मंदिर, जोरईं स्थित दुर्गा मंदिर, सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी समेत जिले के अन्य देवी मंदिरो में सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे। डुहिया के पं. दीनानाथ शुक्ल ने कहा कि इस बार भी पिछले कई सालों की तरह नवरात्रि को अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ी। दरअसल तिथि के घटने और बढ़ने के कारण ऐसा होता है। मुहुर्त के अनुसार 25 मार्च को सुबह आठ बजकर 15 मिनट के बाद से ही नवमी शुरू हो जाएगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालु आठ बजे के बाद कन्या पूजन कर व्रत का पारण कर लिए। उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक नवरात्र व्रत रहने वाले श्रद्धालु सोमवार को अपने व्रत का पारण करेंगे।
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चैत नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्र के पहले दिन से घरों में कलश स्थापित कर चल रहे सप्तशती का पाठ भी संपन्न हो गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं देवी गीत के बीच देवी मंदिर एवं आसपास के इलाके भक्ति भाव में लीन रहे। छोटे से लेकर बड़े मंदिरो में सुबह से लेकर दोपहर तक लोग हवन-पूजन किया और मां भगवती से सुख समृद्धि की कामना की। ज्ञानपुर से सटे घोपइला देवी मंदिर, गोपीगंज के दुर्गा मंदिर, जोरईं स्थित दुर्गा मंदिर, सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी समेत जिले के अन्य देवी मंदिरो में सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे। डुहिया के पं. दीनानाथ शुक्ल ने कहा कि इस बार भी पिछले कई सालों की तरह नवरात्रि को अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ी। दरअसल तिथि के घटने और बढ़ने के कारण ऐसा होता है। मुहुर्त के अनुसार 25 मार्च को सुबह आठ बजकर 15 मिनट के बाद से ही नवमी शुरू हो जाएगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालु आठ बजे के बाद कन्या पूजन कर व्रत का पारण कर लिए। उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक नवरात्र व्रत रहने वाले श्रद्धालु सोमवार को अपने व्रत का पारण करेंगे।
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