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कहीं सादगी तो कहीं सेवा की मिसाल बनी औरत
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर/चौरी। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए आवाज उठाई जाती है। जिले में कुछ महिलाएं अपनी सादगी एवं सेवा से अलग मुकाम हासिल कर रही हैं। उनके कार्यों की हर जगह चर्चा होती है।
अभोली के जगतपुर गांव निवासी एक सामान्य परिवार की बहू काजल यादव वर्ष 2015 में जिले की प्रथम नागरिक यानि जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। ओहदा पाने के बाद भी उनकी सादगी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। वह आज भी चूल्हा-चौका से लेकर उपली पाथती हैं। घर के सभी कार्यों के साथ ही कार्यालय के कार्य भी बेहतर ढंग से करती हैं। उनकी सादगी की चर्चा पक्ष और विपक्ष सभी में होती है। इसी तरह चौरी इलाके की वंदना दूबे भी महिलाओं की सेवा को लेकर प्रयासरत हैं। पिछले एक से डेढ़ दशक से निस्वार्थ भाव से उत्पीड़न, दुष्कर्म समेत अन्य परेशानी से जूझ रही महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जिले से लेकर लखनऊ तक जाती हैं। वह महिलाओं को निडर बनाने के लिए जागरूक करती हैं। सबसे खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर एससी और एसटी महिलाओं को न्याय दिलाने में हर तरह से सहयोग देती हैं।
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अभोली के जगतपुर गांव निवासी एक सामान्य परिवार की बहू काजल यादव वर्ष 2015 में जिले की प्रथम नागरिक यानि जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। ओहदा पाने के बाद भी उनकी सादगी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। वह आज भी चूल्हा-चौका से लेकर उपली पाथती हैं। घर के सभी कार्यों के साथ ही कार्यालय के कार्य भी बेहतर ढंग से करती हैं। उनकी सादगी की चर्चा पक्ष और विपक्ष सभी में होती है। इसी तरह चौरी इलाके की वंदना दूबे भी महिलाओं की सेवा को लेकर प्रयासरत हैं। पिछले एक से डेढ़ दशक से निस्वार्थ भाव से उत्पीड़न, दुष्कर्म समेत अन्य परेशानी से जूझ रही महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जिले से लेकर लखनऊ तक जाती हैं। वह महिलाओं को निडर बनाने के लिए जागरूक करती हैं। सबसे खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर एससी और एसटी महिलाओं को न्याय दिलाने में हर तरह से सहयोग देती हैं।
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