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गेहूं में इस साल हुआ रिकार्ड उत्पादन
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:23 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय गेहूं व जौ संस्थान करनाल के संयुक्त तत्वावधान में गेहूं और जौ शोधकर्ताओं की कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारतीय गेहूं व जौ संस्थान करनाल के निदेशक डॉ. जीपी सिंह ने बताया कि साल 2016-17 में गेहूं का उत्पादन 98 मिलियन मीट्रिक टन हुआ जो कि आज तक का रिकार्ड उत्पादन है। कहा कि नए शोध परीक्षणों से साफ है कि यदि नई तकनीकी और उन्नत प्रजातियों का इस्तेमाल किया जाए तो न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में बढ़ोतरी भी होगी।
बताया कि पूर्वी भारत में उगाई जाने वाली गेहूं की प्रजातियों की गुणवत्ता किसी दूसरे क्षेत्र की प्रजाति से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में गेहूं की उत्पादकता अभी कम है। यहां उर्वरक और सिंचाई जल की उपयोगिता बढ़ाना जरूरी है। कार्यशाला में आए वैज्ञानिकों ने संसाधन प्रबंधन, प्रजाति उन्नयन, फसलों का रोगों से बचाव आदि पर चर्चा की। कार्यशाला में डॉ. आरके शर्मा, डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. सेवा राम, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. अजित खरव, डॉ. जेएस बोहरा, डॉ. रमेश कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता निदेशक प्रो. ए वैशम्पायन ने की। संयोजक प्रो. आरके सिंह ने स्वागत किया।
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बताया कि पूर्वी भारत में उगाई जाने वाली गेहूं की प्रजातियों की गुणवत्ता किसी दूसरे क्षेत्र की प्रजाति से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में गेहूं की उत्पादकता अभी कम है। यहां उर्वरक और सिंचाई जल की उपयोगिता बढ़ाना जरूरी है। कार्यशाला में आए वैज्ञानिकों ने संसाधन प्रबंधन, प्रजाति उन्नयन, फसलों का रोगों से बचाव आदि पर चर्चा की। कार्यशाला में डॉ. आरके शर्मा, डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. सेवा राम, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. अजित खरव, डॉ. जेएस बोहरा, डॉ. रमेश कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता निदेशक प्रो. ए वैशम्पायन ने की। संयोजक प्रो. आरके सिंह ने स्वागत किया।
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