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हास्टल खाली कराने पर छात्रों में आक्रोश
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शोध छात्रों से छात्रावास खाली कराने को लेकर छात्रों में आक्रोश है। शोध छात्रों को 15 मई तक का समय दिया गया है। विद्यापीठ प्रशासन के रवैये से छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि शोध छात्रों से मई और जून महीने में छात्रावास खाली न कराया जाए। इस मामले में लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के छात्रों ने कुलपति को शिकायती पत्र भी सौंपा है।
दी बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि काशी विद्यापीठ प्रशासन की छात्रावास नियमावली के अनुसार शोध छात्र-छात्रा को पंजीकरण तिथि से दो वर्ष के लिए अथवा शोध प्रबंध जमा करने की तिथि तक छात्रावास में रहने की अनुमति होगी। 15 मई तक छात्रावास खाली करने का फरमान मनमाना है और छात्र नियमावली के खिलाफ है। छात्रों ने एक मई को कुलपति से ग्रीष्मकालीन अवकाश में शोध छात्रों से छात्रावास खाली न कराने का अनुरोध किया था लेकिन उनके लिखित अनुरोध को ठुकराते हुए विद्यापीठ प्रशासन ने हास्टल खाली कराने का आदेश दे दिया है। इस संदर्भ में चीफ प्रॉक्टर प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी का कहना है कि चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए छात्रावास की मांग की है। इसलिए छात्रावास खाली कराए जा रहे हैं।
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दी बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि काशी विद्यापीठ प्रशासन की छात्रावास नियमावली के अनुसार शोध छात्र-छात्रा को पंजीकरण तिथि से दो वर्ष के लिए अथवा शोध प्रबंध जमा करने की तिथि तक छात्रावास में रहने की अनुमति होगी। 15 मई तक छात्रावास खाली करने का फरमान मनमाना है और छात्र नियमावली के खिलाफ है। छात्रों ने एक मई को कुलपति से ग्रीष्मकालीन अवकाश में शोध छात्रों से छात्रावास खाली न कराने का अनुरोध किया था लेकिन उनके लिखित अनुरोध को ठुकराते हुए विद्यापीठ प्रशासन ने हास्टल खाली कराने का आदेश दे दिया है। इस संदर्भ में चीफ प्रॉक्टर प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी का कहना है कि चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए छात्रावास की मांग की है। इसलिए छात्रावास खाली कराए जा रहे हैं।
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