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पंपिंग सुपरिंटेंडेंट पर लटकी निलंबन की तलवार
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वाराणसी। जलकल विभाग के पंपिंग सुपरिंटेंडेंट ने जनता की समस्याएं हल करने के बजाय अधिकारियों को गलत रिपोर्ट बनाकर भेज दी। लल्लापुरा और पितरकुंडा में सीवर ओवरफ्लो की समस्या पर दी गई रिपोर्ट की जांच में यह बात सामने आई। नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जलकल महाप्रबंधक को पंपिंग सुपरिंटेंडेंट पर कठोर कार्रवाई की संस्तुति की है।
नगर आयुक्त को जलकल विभाग के कर्मचारियों की इस कारस्तानी की जानकारी हुई तो उन्होंने इसे अनुशासनहीनता माना। महाप्रबंधक जलकल को भेजे गए पत्र में नगर आयुक्त ने लिखा है कि लल्लापुरा व पितरकुंडा के आसपास क्षेत्रों में सीवेज समस्या के निस्तारण और पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी पंपिंग स्टेशन सुपरिंटेंडेंट आनंद गौरव के पास है। यहां सीवर ओवरफ्लो व पेयजल की शिकायत पार्षद समेत स्थानीय लोगों ने बीते दिनों की थी। लल्लापुरा प्रकरण में पंपिंग स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने संसाधनों की कमी का हवाला दिया। जब अपर नगर आयुक्त ने जांच कराई तो समस्या का निराकरण कराए बिना ही गलत रिपोर्ट दे दी। इस पर नगर आयुक्त ने जीएम जलकल को कठोर कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी। साथ ही तीन दिन के भीतर कार्रवाई की आख्या भी तलब की है।
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नगर आयुक्त को जलकल विभाग के कर्मचारियों की इस कारस्तानी की जानकारी हुई तो उन्होंने इसे अनुशासनहीनता माना। महाप्रबंधक जलकल को भेजे गए पत्र में नगर आयुक्त ने लिखा है कि लल्लापुरा व पितरकुंडा के आसपास क्षेत्रों में सीवेज समस्या के निस्तारण और पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी पंपिंग स्टेशन सुपरिंटेंडेंट आनंद गौरव के पास है। यहां सीवर ओवरफ्लो व पेयजल की शिकायत पार्षद समेत स्थानीय लोगों ने बीते दिनों की थी। लल्लापुरा प्रकरण में पंपिंग स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने संसाधनों की कमी का हवाला दिया। जब अपर नगर आयुक्त ने जांच कराई तो समस्या का निराकरण कराए बिना ही गलत रिपोर्ट दे दी। इस पर नगर आयुक्त ने जीएम जलकल को कठोर कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी। साथ ही तीन दिन के भीतर कार्रवाई की आख्या भी तलब की है।
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