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ठेका संचालक से मारपीट में चार सिपाही निलंबित
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वाराणसी। जिला आबकारी कार्यालय में 23 जनवरी को महमूरगंज निवासी बीयर ठेका संचालक निशांत सिंह के साथ अवैध वसूली को लेकर मारपीट और धमकी देने के मामले में आबकारी विभाग के सिपाही आलोक सिंह, अफजाल सिद्दीकी, एपी सिंह और आशीष दुबे को ईआईबी की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया। ईआईबी की जांच रिपोर्ट में चारों सिपाही दोषी पाए गए हैं। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के कार्यालय से जांच और निलंबन संबंधित आदेश उप आबकारी आयुक्त (वाराणसी) को भेज दी गई है।
महमूरगंज निवासी निशांत सिंह ने बीते 23 जनवरी को जैतपुरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आबकारी विभाग के सिपाही आलोक सिंह, अफजाल सिद्दीकी, एपी सिंह और आशीष दुबे सहित आबकारी विभाग के 25 अज्ञात सिपाहियों ने कार्यालय के अंदर मारपीट करने और अवैध वसूली को लेकर धमकी दी थी। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही निशांत सिंह ने डीएम और आबकारी विभाग के अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की थी। मामले की जांच ईआईबी को सौंपी गई। जिला आबकारी कार्यालय में हुई मारपीट की घटना की पूरी जांच की गई। जांच उपरांत 30 अप्रैल को ईआईबी के उपायुक्त आनंद शंकर राय ने अपनी जांच रिपोर्ट आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के समक्ष पेश की। जिसके बाद चारों सिपाहियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया गया।
ठेका संचालक से मारपीट की घटना आबकारी अधिकारी के कार्यालय में की गई। ऐसे में शासन से कराई जा रही जांच में आबकारी अधिकारी भी दायरे में हैं।
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महमूरगंज निवासी निशांत सिंह ने बीते 23 जनवरी को जैतपुरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आबकारी विभाग के सिपाही आलोक सिंह, अफजाल सिद्दीकी, एपी सिंह और आशीष दुबे सहित आबकारी विभाग के 25 अज्ञात सिपाहियों ने कार्यालय के अंदर मारपीट करने और अवैध वसूली को लेकर धमकी दी थी। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही निशांत सिंह ने डीएम और आबकारी विभाग के अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की थी। मामले की जांच ईआईबी को सौंपी गई। जिला आबकारी कार्यालय में हुई मारपीट की घटना की पूरी जांच की गई। जांच उपरांत 30 अप्रैल को ईआईबी के उपायुक्त आनंद शंकर राय ने अपनी जांच रिपोर्ट आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के समक्ष पेश की। जिसके बाद चारों सिपाहियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया गया।
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ठेका संचालक से मारपीट की घटना आबकारी अधिकारी के कार्यालय में की गई। ऐसे में शासन से कराई जा रही जांच में आबकारी अधिकारी भी दायरे में हैं।