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अतिक्रमण-जाम से लेनादेना नहीं, दर्ज कर लिया मुकदमा
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:35 AM IST
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वाराणसी। पूर्व गायत्री प्रसाद प्रजापति पर दर्ज कराए गए मुकदमे में दरोगा मो. अकरम की बात न मानने पर अतिक्रमण और सड़क जाम करने के आरोप में फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यह शिकायत जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी ने एसएसपी से की है। व्यापारी ने मांग की है कि प्रकरण की जांच कराकर एसएसपी उचित कार्रवाई करें।
अरविंद के अनुसार 28 नवंबर की शाम मदनपुरा चौकी इंचार्ज मो. अकरम जंगमबाड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने आए थे। इसे लेकर कुछ लोगों ने विरोध करते हुए जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष दशाश्वमेध ने सबको समझाया तो मामला शांत हो गया। इसके बाद दरोगा मो. अकरम ने प्रकरण को लेकर दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कराया। अरविंद के अनुसार मुकदमे में उनका और उनके भाई मुन्ना को भी आरोपी बना दिया गया जबकि उनकी दुकान गली में हैं। अतिक्रमण और जाम से उनका कोई वास्ता नहीं है, इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाया गया है।
अरविंद के अनुसार गायत्री के खिलाफ उन्होेंने रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था। पैरवी कर रहे थे तो लखनऊ निवासी दरोगा मो. अकरम ने उनसे कहा था कि उनकी बात मान कर पैर पीछे खींच लें। इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला का निलंबन हुआ यह ठीक बात नहीं है और पुलिस से दुश्मनी ठीक नहीं होती है। अरविंद के अनुसार उन्होंने दरोगा की बात नहीं मानी और इसी वजह से उन पर और उनके भाई पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया।
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अरविंद के अनुसार 28 नवंबर की शाम मदनपुरा चौकी इंचार्ज मो. अकरम जंगमबाड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने आए थे। इसे लेकर कुछ लोगों ने विरोध करते हुए जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष दशाश्वमेध ने सबको समझाया तो मामला शांत हो गया। इसके बाद दरोगा मो. अकरम ने प्रकरण को लेकर दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कराया। अरविंद के अनुसार मुकदमे में उनका और उनके भाई मुन्ना को भी आरोपी बना दिया गया जबकि उनकी दुकान गली में हैं। अतिक्रमण और जाम से उनका कोई वास्ता नहीं है, इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाया गया है।
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अरविंद के अनुसार गायत्री के खिलाफ उन्होेंने रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था। पैरवी कर रहे थे तो लखनऊ निवासी दरोगा मो. अकरम ने उनसे कहा था कि उनकी बात मान कर पैर पीछे खींच लें। इंस्पेक्टर बालकृष्ण शुक्ला का निलंबन हुआ यह ठीक बात नहीं है और पुलिस से दुश्मनी ठीक नहीं होती है। अरविंद के अनुसार उन्होंने दरोगा की बात नहीं मानी और इसी वजह से उन पर और उनके भाई पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया।
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