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विशिष्ट क्षेत्र के विकास के लिए अब होगा भूमि अधिग्रहण
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:44 AM IST
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वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मार्गों के विस्तारीकरण के लिए शासन की अनुमति से अब भू अधिग्रहण होगा। विस्तारीकरण के लिए भवनों की रजिस्ट्री समय से पूरी नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। बचे हुए भवनों को अब भू अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत अधिग्रहीत किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। यह निर्णय बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद बोर्ड की पहली बैठक में लिया गया।
बुधवार को कमिश्नरी में परिषद बोर्ड की बैठक के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु गंगा स्नान कर दर्शन के लिए गंगा घाट से सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक आ और जा सकें। इसके लिए पथ विकास कार्य कराया जाएगा। क्षेत्र के पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों पर बेतरतीब तरीके से हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाएगी। साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर कराने के लिए निर्देश दिया गया है। योजना के विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित बजट 50 करोड़ की जगह इसे 30 करोड़ रुपय किया गया है। योजना के निर्माण के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जाएगी।
वीडीए को निर्देश दिया गया है कि वह विशिष्ट क्षेत्र के तहत आने वाले भवनों के निर्माण के बाबत अब कोई भी मानचित्र स्वीकृत न करे। बैठक में परिषद के संचालन के लिए नियोजन, संपत्ति, निर्माण, विधि, अधिष्ठान, लेखा एवं कंप्यूटर अनुभाग सहित इन अनुभागों में नियुक्त होने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के पदों के संबंध में सहमति प्रदान की गई। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि उत्तरदायित्व निर्धारित पदों पर अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती प्रतिनियुक्ति एवं अन्य पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति होगी। परिषद के कार्यालय के लिए मंदिर के आसपास ही भवन को किराए पर लिए जाने का निर्देश दिया। जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए एनडीआरएफ या सेना के रिटायर्ड लोगों को नियुक्त किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के लिए मैनेजमेंट कंसल्टेंसी रखे जाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त डॉ.नितिन बंसल, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राजेश कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के अलावा बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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बुधवार को कमिश्नरी में परिषद बोर्ड की बैठक के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु गंगा स्नान कर दर्शन के लिए गंगा घाट से सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक आ और जा सकें। इसके लिए पथ विकास कार्य कराया जाएगा। क्षेत्र के पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों पर बेतरतीब तरीके से हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाएगी। साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर कराने के लिए निर्देश दिया गया है। योजना के विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित बजट 50 करोड़ की जगह इसे 30 करोड़ रुपय किया गया है। योजना के निर्माण के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जाएगी।
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वीडीए को निर्देश दिया गया है कि वह विशिष्ट क्षेत्र के तहत आने वाले भवनों के निर्माण के बाबत अब कोई भी मानचित्र स्वीकृत न करे। बैठक में परिषद के संचालन के लिए नियोजन, संपत्ति, निर्माण, विधि, अधिष्ठान, लेखा एवं कंप्यूटर अनुभाग सहित इन अनुभागों में नियुक्त होने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के पदों के संबंध में सहमति प्रदान की गई। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि उत्तरदायित्व निर्धारित पदों पर अधिकारी, कर्मचारियों की तैनाती प्रतिनियुक्ति एवं अन्य पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति होगी। परिषद के कार्यालय के लिए मंदिर के आसपास ही भवन को किराए पर लिए जाने का निर्देश दिया। जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए एनडीआरएफ या सेना के रिटायर्ड लोगों को नियुक्त किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के लिए मैनेजमेंट कंसल्टेंसी रखे जाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त डॉ.नितिन बंसल, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राजेश कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के अलावा बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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