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मूल्यों की राजनीति के पैरोकार थे सुरेश अवस्थी : मनोज सिन्हा
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। केंद्रीय संचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि डॉ. सुरेश अवस्थी मूल्यों की राजनीति के प्रबल पैरोकार थे। डॉ. अवस्थी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, उन्होंने केवल काशी हिंदू विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि सामाजिक राजनीति में भी संबंधों और मूल्यों की राजनीति को बढ़ावा दिया। वे शनिवार को शिवाला में डॉ. अवस्थी की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे।
व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता लेखक पत्रकार सोपान जोशी ने राज-काज, नीति-अनीति और सामाजिक नजर विषय पर बोलते हुए कहा कि राजनीति में एक दूसरे से लगाव की भावना में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इसका सर्वोच्च उदाहरण महात्मा गांधी और महामना मदन मोहन मालवीय के संबंधों में दिखाई देता है। वर्तमान राजनीति में प्रभावी आधुनिक विकासवाद पर टिप्पणी करते हुए जोशी ने कहा कि इस व्यवस्था में एक समस्या का समाधान एक नई समस्या पैदा करती है। इसलिए, गंगा की सफाई के सरकारी कार्यक्रमों और गंगा की राजनीति में गहरा फर्क दिखाई देता है। यही फर्क गौरक्षा की राजनीति और गौसेवा के व्यवहार में नजर आता है, जिसका परिणाम है कि गंगा भी मर रही है और गाय भी लेकिन दोनों पर राजनीति जारी है।
अतिथियों ने डॉ. सुरेश अवस्थी के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधानपरिषद सदस्य केदारनाथ सिंह, लक्ष्मण आचार्य, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व डीजीपी आरएन सिंह, प्रो. बेचन जायसवाल, डॉ. विक्रमादित्य राय, अजय त्रिवेदी, विशाल अवस्थी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रूपेश पांडेय ने किया।
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व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता लेखक पत्रकार सोपान जोशी ने राज-काज, नीति-अनीति और सामाजिक नजर विषय पर बोलते हुए कहा कि राजनीति में एक दूसरे से लगाव की भावना में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इसका सर्वोच्च उदाहरण महात्मा गांधी और महामना मदन मोहन मालवीय के संबंधों में दिखाई देता है। वर्तमान राजनीति में प्रभावी आधुनिक विकासवाद पर टिप्पणी करते हुए जोशी ने कहा कि इस व्यवस्था में एक समस्या का समाधान एक नई समस्या पैदा करती है। इसलिए, गंगा की सफाई के सरकारी कार्यक्रमों और गंगा की राजनीति में गहरा फर्क दिखाई देता है। यही फर्क गौरक्षा की राजनीति और गौसेवा के व्यवहार में नजर आता है, जिसका परिणाम है कि गंगा भी मर रही है और गाय भी लेकिन दोनों पर राजनीति जारी है।
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अतिथियों ने डॉ. सुरेश अवस्थी के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधानपरिषद सदस्य केदारनाथ सिंह, लक्ष्मण आचार्य, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व डीजीपी आरएन सिंह, प्रो. बेचन जायसवाल, डॉ. विक्रमादित्य राय, अजय त्रिवेदी, विशाल अवस्थी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रूपेश पांडेय ने किया।
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