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तप रही धरती, तड़प रहे लोग
Updated Fri, 11 May 2018 12:36 AM IST
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ज्ञानपुर। सूरज के सख्त तेवर से गर्मी का प्रकोप जारी है। धरती तप रही है तो तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़े झुलसा रहे हैं। बिजली की अंधाधुंध कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। 42 डिग्री तापमान के बीच गर्मी और उमस ने बृहस्पतिवार को लोगों के छक्के छुड़ा दिए। तेज रफ्तार लू से पूरे दिन लोग झुलसते रहे। गर्मी के साथ पेयजल संकट भी बढ़ गया है। पसीना बहाते हुए लोग सुबह-शाम पानी के इंतजाम में जुट जाते हैं।
बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत उमस भरी गर्मी से हुई। सुबह सात बजे ही सूर्यदेव की तल्खी वातावरण में घुलने लगी और नौ बजते-बजते मानो आसमान से शोले बरसने लगे हों। मई के 10 दिन गुजरने के बाद गर्मी का प्रकोप तीखा हो चला है। इसका असर सड़कों पर दिखा। दिन चढ़ने के साथ ही सड़कें खाली हो गईं। धरती तवे की मानिंद तपने लगी। इस बीच बाजार में काम के सिलसिले में पहुंचे लोगों को हलक तर करने के लिए भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। इस बार सार्वजनिक महत्व के स्थलों पर प्याऊ आदि की व्यवस्था न के बराबर की गई है। इससे जहां-तहां लोग पीने के पानी के लिए परेशान दिखे। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। गांव से लेकर नगर तक पेयजल संकट गहरा गया है। बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं। बिजली कटौती के चलते सप्लाई का पानी हर जगह पहुंच नहीं पा रहा है। एक-दो हैंडपंप जो ठीक स्थिति में हैं, वहां पानी के लिए भीड़ लग रही है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक घर के हर सदस्य बाल्टी-डिब्बा लेकर पानी भरने पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है। लू और प्रचंड धूप में निकलना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान 21 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन बेपटरी कर दिया।
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बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत उमस भरी गर्मी से हुई। सुबह सात बजे ही सूर्यदेव की तल्खी वातावरण में घुलने लगी और नौ बजते-बजते मानो आसमान से शोले बरसने लगे हों। मई के 10 दिन गुजरने के बाद गर्मी का प्रकोप तीखा हो चला है। इसका असर सड़कों पर दिखा। दिन चढ़ने के साथ ही सड़कें खाली हो गईं। धरती तवे की मानिंद तपने लगी। इस बीच बाजार में काम के सिलसिले में पहुंचे लोगों को हलक तर करने के लिए भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। इस बार सार्वजनिक महत्व के स्थलों पर प्याऊ आदि की व्यवस्था न के बराबर की गई है। इससे जहां-तहां लोग पीने के पानी के लिए परेशान दिखे। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। गांव से लेकर नगर तक पेयजल संकट गहरा गया है। बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं। बिजली कटौती के चलते सप्लाई का पानी हर जगह पहुंच नहीं पा रहा है। एक-दो हैंडपंप जो ठीक स्थिति में हैं, वहां पानी के लिए भीड़ लग रही है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक घर के हर सदस्य बाल्टी-डिब्बा लेकर पानी भरने पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है। लू और प्रचंड धूप में निकलना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान 21 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन बेपटरी कर दिया।
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