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फर्जी प्रमाणपत्र लगा कर बन गया बीडीसी
Updated Wed, 02 May 2018 12:48 AM IST
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ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के चांदीगहना में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे एक युवक बीडीसी बन बैठा। करीब तीन साल तक वह बीडीसी रहा। ओबीसी के कहार जाति के युवक ने एससी के लिए आरक्षित की सीट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। शिकायत मिलने पर एसडीएम की जांच में मामले का खुलासा हुआ। उसे 15 दिन अपना पक्ष रखने की मोहलत दी गई है।
भदोही विकास खंड के वार्ड-129 चांदी गहना एससी जाति के लिए आरक्षित सीट घोषित थी। आरोप है कि वर्ष 2015 में गांव के बलदेव पुत्र स्व. बरसाती ने फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। जनवरी 2018 में गांव के अशोक कुमार तिवारी पुत्र राम चंद्र तिवारी ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जालसाजी का आरोप लगाया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम भदोही सुनील कुमार ने प्रमाणपत्रों की जांच की तो सच्चाई खुलकर सामने आई। तमाम प्रमाण पत्रों का अवलोकन करने के बाद बलदेव ओबीसी जाति के कहार जाति का पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीपीआरओ अनिल कुमार त्रिपाठी ने बीडीसी को नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर बीडीसी को पृथक कर विधिक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एसडीएम की जांच में गड़बड़ी सामने आई है। संबंधित बीडीसी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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भदोही विकास खंड के वार्ड-129 चांदी गहना एससी जाति के लिए आरक्षित सीट घोषित थी। आरोप है कि वर्ष 2015 में गांव के बलदेव पुत्र स्व. बरसाती ने फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। जनवरी 2018 में गांव के अशोक कुमार तिवारी पुत्र राम चंद्र तिवारी ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर जालसाजी का आरोप लगाया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम भदोही सुनील कुमार ने प्रमाणपत्रों की जांच की तो सच्चाई खुलकर सामने आई। तमाम प्रमाण पत्रों का अवलोकन करने के बाद बलदेव ओबीसी जाति के कहार जाति का पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीपीआरओ अनिल कुमार त्रिपाठी ने बीडीसी को नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर बीडीसी को पृथक कर विधिक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एसडीएम की जांच में गड़बड़ी सामने आई है। संबंधित बीडीसी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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