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प्रसव के लिए भटकती रही महिला, ऑटो चालक बना मददगार
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:20 AM IST
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लोहता। परिवार संग ब्रिटेन से काशी घूमने आई महिला संध्या पुरोहित गुरुवार देर रात प्रसव पीड़ा से परेशान होकर भटकती रही। एक निजी अस्पताल भी गई लेकिन वहां किसी ने उसकी परेशानी नहीं सुनी। अंत में सिगरा चौराहे पर खड़ा एक ऑटो चालक मददगार बना और उन्हें काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां महिला की नार्मल डिलीवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
ब्रिटेन के ब्राडफोर्ड स्थित आईटी कंपनी में इंजीनियर अमित पुरोहित अपनी पत्नी, दस साल की बिटिया के साथ सप्ताह भर पहले काशी घूमने आए थे। इसी बीच गुरुवार रात करीब नौ बजे कैंट स्टेशन के पास पत्नी के पेट में दर्द उठा तो वह परेशान हो गए। आसपास के लोगों से पूछा तो किसी ने मकबूल ऑलम रोड खजूरी स्थित एक निजी अस्पताल का नाम बताया। अमित परिवार संग सीधे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन की बात कही लेकिन बेहोशी के डॉक्टर न होने की बात कहकर ऑपरेशन करने में असमर्थता जताई और दूसरे अस्पताल जाने को कह दिया।
मुसीबत तब और बढ़ गई जब पैसे निकालने गए अमित का एटीएम ब्लाक हो गया। महिला संध्या के मुताबिक वह पति और बेटी के साथ बाहर निकली और किसी तरह सिगरा पहुंची। यहां जब कुछ नहीं सूझा तो एक ऑटो चालक से पूछताछ की। ऑटो चालक मुन्ना ने उनकी भरपूर मदद की।
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यह जानकर की उनके पास पैसे कम हैं उन्हें ऑटो में बिठाकर काशी विद्यापीठ स्वास्थ्य केंद्र लाकर रात करीब एक बजे भर्ती कराया। तत्काल इसकी जानकारी अपनी बहन केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता रत्ना को दी। यहां प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला के निर्देशन में उनकी पूरी टीम तुरंत अलर्ट हो गई और इलाज शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। शिवदासपुर निवासी मुन्ना ने अपने घर से ही उनके खाने का इंतजाम किया और फिर शाम करीब 5 बजे उन्हें स्टेशन तक छोड़ा भी।
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ब्रिटेन के ब्राडफोर्ड स्थित आईटी कंपनी में इंजीनियर अमित पुरोहित अपनी पत्नी, दस साल की बिटिया के साथ सप्ताह भर पहले काशी घूमने आए थे। इसी बीच गुरुवार रात करीब नौ बजे कैंट स्टेशन के पास पत्नी के पेट में दर्द उठा तो वह परेशान हो गए। आसपास के लोगों से पूछा तो किसी ने मकबूल ऑलम रोड खजूरी स्थित एक निजी अस्पताल का नाम बताया। अमित परिवार संग सीधे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन की बात कही लेकिन बेहोशी के डॉक्टर न होने की बात कहकर ऑपरेशन करने में असमर्थता जताई और दूसरे अस्पताल जाने को कह दिया।
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मुसीबत तब और बढ़ गई जब पैसे निकालने गए अमित का एटीएम ब्लाक हो गया। महिला संध्या के मुताबिक वह पति और बेटी के साथ बाहर निकली और किसी तरह सिगरा पहुंची। यहां जब कुछ नहीं सूझा तो एक ऑटो चालक से पूछताछ की। ऑटो चालक मुन्ना ने उनकी भरपूर मदद की।
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यह जानकर की उनके पास पैसे कम हैं उन्हें ऑटो में बिठाकर काशी विद्यापीठ स्वास्थ्य केंद्र लाकर रात करीब एक बजे भर्ती कराया। तत्काल इसकी जानकारी अपनी बहन केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता रत्ना को दी। यहां प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला के निर्देशन में उनकी पूरी टीम तुरंत अलर्ट हो गई और इलाज शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। शिवदासपुर निवासी मुन्ना ने अपने घर से ही उनके खाने का इंतजाम किया और फिर शाम करीब 5 बजे उन्हें स्टेशन तक छोड़ा भी।