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केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश
Updated Sun, 02 Jul 2017 02:19 AM IST
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केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश
वाराणसी। इलाहाबाद शहर पर टिप्पणी करने के मामले में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवम की कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। कोर्ट ने परिवाद दर्ज करते हुए परिवादी अधिवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह यादव का बयान दर्ज करने के लिए 13 जुलाई की तिथि नियत की है।
न्यायालय में अधिवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने 28 जून को बीएचयू में एक व्याख्यान में साहित्यकार धर्मवीर भारती का जिक्र करते हुए कहा था कि इलाहाबाद बड़ा हरामजादा शहर है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान धर्मवीर भारती और उनके विचारों को अपमानित करने की नीयत से दिया गया है। केंद्रीय मंत्री के बयान से धर्मवीर भारती का परिवार ही नहीं साहित्य प्रेमी और परिवादी भी आहत है। न्यायालय ने परिवाद दर्ज करने का आदेश देते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के तहत परिवादी का बयान दर्ज करने को कहा है।
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वाराणसी। इलाहाबाद शहर पर टिप्पणी करने के मामले में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवम की कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। कोर्ट ने परिवाद दर्ज करते हुए परिवादी अधिवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह यादव का बयान दर्ज करने के लिए 13 जुलाई की तिथि नियत की है।
न्यायालय में अधिवक्ता प्रेमप्रकाश सिंह यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने 28 जून को बीएचयू में एक व्याख्यान में साहित्यकार धर्मवीर भारती का जिक्र करते हुए कहा था कि इलाहाबाद बड़ा हरामजादा शहर है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान धर्मवीर भारती और उनके विचारों को अपमानित करने की नीयत से दिया गया है। केंद्रीय मंत्री के बयान से धर्मवीर भारती का परिवार ही नहीं साहित्य प्रेमी और परिवादी भी आहत है। न्यायालय ने परिवाद दर्ज करने का आदेश देते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के तहत परिवादी का बयान दर्ज करने को कहा है।
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