वाराणसी : धन दोगुना करने के बहाने धोखाधड़ी करने वाली दो कंपनियों के 18 आरोपियों की होगी गिरफ्तारी, टीम गठित
जांच में सामने आया कि 28 आरोपियों ने मिलकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी है। इसमें दस आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
व्यापारियों और गृहणियों को झांसा देकर धन दोगुना करने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली ऑसम और कासिटा कंपनी के निदेशक सहित 18 आरोपियों की गिरफ्तारी की कवायद तेज हो गई है। साल भर से फरार चल रहे इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसीपी कैंट के नेतृत्व में चार टीमें गठित की गई हैं। दोनों कंपनियों के खिलाफ कैंट, शिवपुर, लालपुर-पांडेयपुर और सिगरा थाने में धोखाधड़ी के दस मुकदमे दर्ज हैं।
जांच में सामने आया कि 28 आरोपियों ने मिलकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी है। इसमें दस आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, अब 18 और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। एसीपी कैंट को निर्देशित किया गया है कि एक माह के अंदर कार्रवाई पूरी करें। पुलिस आयुक्त ने बताया कि ऑसम और कासिटा कंपनी के निदेशक से लेकर मैनेजर और अन्य एजेंटों ने व्यापारियों, महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों को झांसे में रखकर पैसा लिया और गायब हो गए।
कैंट, सिगरा और शिवपुर, लालपुर-पांडेयपुर थाने में वर्ष 2020 में मुकदमे दर्ज होना शुरू हुए। लंबित विवेचनाओं में इन कंपनियों के नाम सामने आने के बाद 18 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश देना शुरू कर दी है। अन्य थानों में भी दिखवाया जा रहा है कि इन कंपनियों के खिलाफ मुकदमे तो दर्ज नहीं है।
नेटवर्किंग के बहाने की धोखाधड़ी
दो कंपनियों ने नेटवर्किंग के तहत लोगों को लुभावने आफर देते हुए कंपनी में जोड़ा। किसी से 50 हजार तो किसी से दो लाख की रकम लेने के बाद मोबाइल और कार्यालय का पता बदल दिया। कंपनी के कुछ कर्मचारियों तक पीड़ित पहुंचे तो उन्हें धमकाया गया। अब पुलिस नए सिरे से जांच कराकर कार्रवाई के मूड में है।