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रमेश बिंद ने एक कॉल में पार्टी का नाम बसपा लिखा-CHANDAULI
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ज्ञानपुर/ लखनऊ। भदोही संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रमेश चंद्र द्वारा हलफनामे में गलत जानकारी दिए जाने के बाद भी उसे जिला निर्वाचन अधिकारी ने वैध घोषित कर दिया। सोशल मीडिया पर भदोही से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रमेश बिंद का शपथ पत्र वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने खुद को बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी बताया है। हालांकि जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे शपथ पत्र को अवैध घोषित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना है। बिंद मंझवा से तीन बार बसपा विधायक रह चुके हैं।
भदोही के जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बिंद ने अपने शपथ पत्र में बाकी स्थानों पर भाजपा लिखा है और सिर्फ एक स्थान पर मानवीय त्रुटि से बहुजन समाज पार्टी लिख गया है। बिंद ने सिंबल का जो फार्म जमा किया है वह भी भाजपा की ओर से जारी किया गया है। ऐसे में नामांकन को वैध मानने के लिए पर्याप्त आधार है। हालंाकि सवाल उठ रहे हैं कि रमेश बिंद द्वारा दी गई जानकारी गलत थी तो फिर नामांकन रद्द क्यों नहीं किया गया? इस बाबत राज्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू का कहना है कि आरओ ने जो निर्णय लिया है उस पर यदि किसी को आपत्ति है तो वह उसके ऊपर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। भदोही के प्रकरण में यदि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से दिया गया फार्म उपलब्ध कराया है तो नामांकन वैध माना जाएगा। फिर भी यदि किसी को आपत्ति है तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। नियमानुसार उस पर निर्णय लिया जाएगा। गठबंधन के बसपा समर्थित प्रत्याशी रंगनाथ मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताई है। जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक, राज्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत कर रमेश बिंद का नामांकन रद्द करने की मांग की।
बता दें कि बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 20 प्रत्याशियों के पर्चे विभिन्न कारणों से खारिज कर दिए गए थे। 12 प्रत्याशियों की सूची तैयार की गई। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक कॉलम में भाजपा लिखा है, लेकिन अंत में एक कॉलम में पार्टी का नाम बसपा लिख दिया है। चूंकि भाजपा की तरफ से केवल एक ही पर्चा दाखिल किया गया है और सभी कॉलम में पार्टी का नाम सही लिखा गया है। इसलिए केवल एक कॉलम में बसपा लिख जाने से नामांकन निरस्त होने का आधार नहीं बनता।
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भदोही के जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बिंद ने अपने शपथ पत्र में बाकी स्थानों पर भाजपा लिखा है और सिर्फ एक स्थान पर मानवीय त्रुटि से बहुजन समाज पार्टी लिख गया है। बिंद ने सिंबल का जो फार्म जमा किया है वह भी भाजपा की ओर से जारी किया गया है। ऐसे में नामांकन को वैध मानने के लिए पर्याप्त आधार है। हालंाकि सवाल उठ रहे हैं कि रमेश बिंद द्वारा दी गई जानकारी गलत थी तो फिर नामांकन रद्द क्यों नहीं किया गया? इस बाबत राज्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू का कहना है कि आरओ ने जो निर्णय लिया है उस पर यदि किसी को आपत्ति है तो वह उसके ऊपर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। भदोही के प्रकरण में यदि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से दिया गया फार्म उपलब्ध कराया है तो नामांकन वैध माना जाएगा। फिर भी यदि किसी को आपत्ति है तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। नियमानुसार उस पर निर्णय लिया जाएगा। गठबंधन के बसपा समर्थित प्रत्याशी रंगनाथ मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताई है। जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक, राज्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत कर रमेश बिंद का नामांकन रद्द करने की मांग की।
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बता दें कि बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 20 प्रत्याशियों के पर्चे विभिन्न कारणों से खारिज कर दिए गए थे। 12 प्रत्याशियों की सूची तैयार की गई। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक कॉलम में भाजपा लिखा है, लेकिन अंत में एक कॉलम में पार्टी का नाम बसपा लिख दिया है। चूंकि भाजपा की तरफ से केवल एक ही पर्चा दाखिल किया गया है और सभी कॉलम में पार्टी का नाम सही लिखा गया है। इसलिए केवल एक कॉलम में बसपा लिख जाने से नामांकन निरस्त होने का आधार नहीं बनता।
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