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गंगा की स्थिति सुधरने की बजाय होती जा रही है बदतर0
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:15 AM IST
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वाराणसी। विश्व जल दिवस पर गुरुवार को बनारस के गंगा घाट पर स्कूली बच्चों ने नदियों के संरक्षण में सहयोग का संकल्प लिया। इस मौके पर चेत सिंह किला घाट से अस्सी घाट तक मानव शृंखला बनाई गई और तुलसीघाट पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संकट मोचन फाउंडेशन व मदर फॉर मदर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गंगा की दशा पर चिंता जताई।
तुलसी घाट पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि 1984 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने राजेन्द्र प्रसाद घाट से गंगा सफाई अभियान का शुभारंभ किया, तब से लेकर अब तक गंगा की स्थित सुधरने की बजाय बद से बदतर ही होती जा रही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. पृथ्वीश नाग ने कहा कि गंगा के लिए सभी को आगे आना होगा। विशिष्ट अतिथि सीआरपीएफ कमांडेंट आरपी सिंह ने कहा कि गंगा तब तक प्रदूषण से मुक्त नहीं होगी जब तक इसमें आम जनों की भागीदारी नहीं होगी। त्रिपुरा से आए धर्मगुरु गौतम मिश्रा ने कहा कि हम लोग पूर्वोत्तर राज्यों में लोग गंगा जल को लेकर जाते हैं और धार्मिक आयोजन में इस्तेमाल करते हैं। गंगा हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक महत्वपूर्ण है। स्वामी अखंडानंद महाराज ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं बल्कि हमारी मां है। मदर फॉर मदर की संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा ने कहा की मदर फॉर मदर मां गंगा को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इसके लिए हम पूरे देश में जन जागरूकता चलाकर सबसे पहले महिलाओं को जोड़ेगें, क्योंकि जब तक इस अभियान से महिलाएं नहीं जुड़ेंगी तब तक मां गंगा प्रदूषण मुक्त नहीं होगी। संगोष्ठी को आईएमएस बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. टी महापात्रा, सरोजनी महापात्रा, लिपिका बोस आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संयोजन अशोक पांडेय व राजेश मिश्रा ने किया। संचालन रामयश मिश्र व राजेन्द्र दूबे ने किया। धन्यवाद ज्ञापन केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सतीश चन्द्र मिश्र ने दिया।
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तुलसी घाट पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि 1984 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने राजेन्द्र प्रसाद घाट से गंगा सफाई अभियान का शुभारंभ किया, तब से लेकर अब तक गंगा की स्थित सुधरने की बजाय बद से बदतर ही होती जा रही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. पृथ्वीश नाग ने कहा कि गंगा के लिए सभी को आगे आना होगा। विशिष्ट अतिथि सीआरपीएफ कमांडेंट आरपी सिंह ने कहा कि गंगा तब तक प्रदूषण से मुक्त नहीं होगी जब तक इसमें आम जनों की भागीदारी नहीं होगी। त्रिपुरा से आए धर्मगुरु गौतम मिश्रा ने कहा कि हम लोग पूर्वोत्तर राज्यों में लोग गंगा जल को लेकर जाते हैं और धार्मिक आयोजन में इस्तेमाल करते हैं। गंगा हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक महत्वपूर्ण है। स्वामी अखंडानंद महाराज ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं बल्कि हमारी मां है। मदर फॉर मदर की संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा ने कहा की मदर फॉर मदर मां गंगा को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इसके लिए हम पूरे देश में जन जागरूकता चलाकर सबसे पहले महिलाओं को जोड़ेगें, क्योंकि जब तक इस अभियान से महिलाएं नहीं जुड़ेंगी तब तक मां गंगा प्रदूषण मुक्त नहीं होगी। संगोष्ठी को आईएमएस बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. टी महापात्रा, सरोजनी महापात्रा, लिपिका बोस आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संयोजन अशोक पांडेय व राजेश मिश्रा ने किया। संचालन रामयश मिश्र व राजेन्द्र दूबे ने किया। धन्यवाद ज्ञापन केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सतीश चन्द्र मिश्र ने दिया।
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