{"_id":"5a7cba0b4f1c1bd34b8b799e","slug":"171518123531-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च से सीवेज व्यवस्था संभालेगा नगर निगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च से सीवेज व्यवस्था संभालेगा नगर निगम
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। शहरियों को सीवर समस्या से निजात दिलाने में फेल हो चुकी जलकल की ठेकेदारी व्यवस्था मार्च से बंद हो जाएगी। सीवर सफाई सहित इससे जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मार्च से नगर निगम संभालेगा। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। निगम प्रशासन अपनी निगरानी में जलकल कर्मचारियों और आउट सोर्सिग पर नई भर्ती कर संविदा कर्मियों से सीवर सफाई और मरम्मत का काम कराएगा।
दरअसल, जलकल नगर निगम का ही अंग है। ऐसे में निगम प्रशासन ने उसे सीवेज और पेयजल की जिम्मेदारी दे रखी थी। अब तक जलकल की ओर से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत सीवर सफाई कराई जाती है और सालाना करीब 120 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी शहर के अधिकतर हिस्सों में सीवेज से जुड़ी शिकायतों की भरमार से नाराज नगर विकास मंत्री ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में जलकल की छुट्टी कर दी थी। नगर आयुक्त ने बताया कि मार्च से निगम प्रशासन ने सीवेज व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा। ठेकेदारी व्यवस्था खत्म की जाएगी। जलकल और संविदाकर्मियों के जरिए चार करोड़ रुपये की लागत से सीवेज व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
गोदौलिया-लंका मार्ग पर पांडेय हवेली मुहल्ले में सीवर ओवरफ्लो करने से लोग परेशान हैं। गलियों, सड़कों पर गंदा पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। मेन सीवर लाइन जाम होने से यह नौबत उत्पन्न हुई है। गलियों में सीवर बजबजाने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगाें के मुताबिक महीने भर से यह समस्या बनी हुई है। समाधान के लिए नगर निगम और जलकल से कई बार फरियाद लगाई गई लेकिन अब तक किसी ने नहीं सुनी। यदि जल्द मेन सीवर की सफाई कराकर उसे दुरुस्त नहीं कराया गया तो वे सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, जलकल नगर निगम का ही अंग है। ऐसे में निगम प्रशासन ने उसे सीवेज और पेयजल की जिम्मेदारी दे रखी थी। अब तक जलकल की ओर से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत सीवर सफाई कराई जाती है और सालाना करीब 120 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी शहर के अधिकतर हिस्सों में सीवेज से जुड़ी शिकायतों की भरमार से नाराज नगर विकास मंत्री ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में जलकल की छुट्टी कर दी थी। नगर आयुक्त ने बताया कि मार्च से निगम प्रशासन ने सीवेज व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा। ठेकेदारी व्यवस्था खत्म की जाएगी। जलकल और संविदाकर्मियों के जरिए चार करोड़ रुपये की लागत से सीवेज व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
विज्ञापन
गोदौलिया-लंका मार्ग पर पांडेय हवेली मुहल्ले में सीवर ओवरफ्लो करने से लोग परेशान हैं। गलियों, सड़कों पर गंदा पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। मेन सीवर लाइन जाम होने से यह नौबत उत्पन्न हुई है। गलियों में सीवर बजबजाने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगाें के मुताबिक महीने भर से यह समस्या बनी हुई है। समाधान के लिए नगर निगम और जलकल से कई बार फरियाद लगाई गई लेकिन अब तक किसी ने नहीं सुनी। यदि जल्द मेन सीवर की सफाई कराकर उसे दुरुस्त नहीं कराया गया तो वे सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन