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ट्रांसपोर्ट कंपनियों का सर्वे, 45 लाख का माल सीज
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:17 AM IST
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वाराणसी। वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने गुरुवार को महेशपुर और लहरतारा स्थित ट्रांसपोर्ट कंपनियों का सर्वे किया। दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता पकड़ी गई। बिना ई-वे बिल के गुजरात और महाराष्ट्र से मंगाया गया तकरीबन 45 लाख रुपये का माल सीज कर दिया गया।
वाणिज्य कर की विशेष अनुसंधान शाखा की दो टीमें महेशपुर-लहरतारा स्थित जयपुर गोल्डेन ट्रांसपोर्ट कंपनी और पूरन ट्रांसपोर्ट कंपनी पर पहुंचीं। ज्वाइंट कमिश्नर एसएन पांडेय और डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर आनंद कुमार राय के नेतृत्व में गठित दोनों टीमों ने जांच में पाया कि करदेयता से बचने के लिए एक ही क्रेता और विक्रेताओं के बीच एक ही तिथि में 50 हजार से कम मूल्य का इनवाइस बना कर बिना ई वे बिल के गुजरात और महाराष्ट्र से माल मंगाया गया था। करीब चार घंटे तक चली छानबीन के बाद पूरन ट्रांसपोर्ट में 146 प्रपत्र और 160 नग साड़ी व कपडे़ सीज किए गए। वहीं जयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी में 11 प्रपत्र और 38 नग साड़ी, कापर प्लेट, हार्डवेयर, केमिकल आदि सीज किया गया। जांच टीम में असिस्टेंस कमिश्नर वाणिज्यकर अखिलेश दुबे, प्रमोद उपाध्याय, अरविंद पाठक के अलावा वाणिज्य कर अधिकारी संजय तिवारी, चंदन पांडेय, राघवेंद्र राय शामिल रहे।
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वाणिज्य कर की विशेष अनुसंधान शाखा की दो टीमें महेशपुर-लहरतारा स्थित जयपुर गोल्डेन ट्रांसपोर्ट कंपनी और पूरन ट्रांसपोर्ट कंपनी पर पहुंचीं। ज्वाइंट कमिश्नर एसएन पांडेय और डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर आनंद कुमार राय के नेतृत्व में गठित दोनों टीमों ने जांच में पाया कि करदेयता से बचने के लिए एक ही क्रेता और विक्रेताओं के बीच एक ही तिथि में 50 हजार से कम मूल्य का इनवाइस बना कर बिना ई वे बिल के गुजरात और महाराष्ट्र से माल मंगाया गया था। करीब चार घंटे तक चली छानबीन के बाद पूरन ट्रांसपोर्ट में 146 प्रपत्र और 160 नग साड़ी व कपडे़ सीज किए गए। वहीं जयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी में 11 प्रपत्र और 38 नग साड़ी, कापर प्लेट, हार्डवेयर, केमिकल आदि सीज किया गया। जांच टीम में असिस्टेंस कमिश्नर वाणिज्यकर अखिलेश दुबे, प्रमोद उपाध्याय, अरविंद पाठक के अलावा वाणिज्य कर अधिकारी संजय तिवारी, चंदन पांडेय, राघवेंद्र राय शामिल रहे।
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