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‘जिस गंगा को महादेव ने सिर पर धारण किया उसमें कचरा न डालें’
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:50 AM IST
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वाराणसी। ‘मानस मसान’ रामकथा में संत मोरारी बापू ने शनिवार को गंगा और बेटी दोनों को बचाने का आह्वान किया। कहा कि बेटियों के सम्मान से राष्ट्र में समृद्धि और खुशहाली आएगी। गंगा निर्मलीकरण के लिए युवाओं से आगे आने की अपील की। कहा कि गंगा से पावन धारा कोई धारा नहीं है। तीर्थों को गंदगी से बचाना होगा।
संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा पार सतुआ बाबा के गोशाला परिसर में कथा के आठवें दिन बापू ने व्यास पीठ से सीता स्वयंवर प्रसंग पर विस्तार से रोशनी डाली। कहा कि राम नाम से ही विश्व का कल्याण हुआ है। प्रलय होने पर अंत में भी राम नाम ही बचेगा। बापू ने स्वच्छता अभियान को साकार करने पर बल दिया। कहा कि पवित्रता में कभी कोई कमी नहीं रही है। काशी में ‘हर हर महादेव’ का नाद वातावरण की शुद्धि करता है।
उन्होंने गंगा निर्मलीकरण को कारगर बनाने पर जोर दिया। कहा कि महादेव ने जिस गंगा को सिर पर धारण कर रखा है, उसमें हम कचरा न डालें। उन्होंने काशी की महिमा का बखान किया। कहा कि काशी आनंद का वन है। यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी और मणिकर्णिका घाट के निकट स्थित कुंड में भगवान शिव ने स्नान किया था। मणिकर्णिका घाट काशी का मुखचंद्र है और इसमें कोई कलंक नहीं है।
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इस मौके पर मुख्य आयोजनकर्ता मदन पालीवाल, ट्रस्टी प्रकाश पुरोहित, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और अभिनेता मनोज तिवारी मृदुल, डॉ. अशोक कुमार राय, डॉ. अमर अनुपम के साथ ही रवींद्र जोशी, रूपेश व्यास, विकास पुरोहित, मंत्रराज पालीवाल, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के अलावा मणिकर्णिका घाट के डोम राज परिवार के सदस्यों ने व्यासपीठ पर पुष्प अर्पित किया।
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संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा पार सतुआ बाबा के गोशाला परिसर में कथा के आठवें दिन बापू ने व्यास पीठ से सीता स्वयंवर प्रसंग पर विस्तार से रोशनी डाली। कहा कि राम नाम से ही विश्व का कल्याण हुआ है। प्रलय होने पर अंत में भी राम नाम ही बचेगा। बापू ने स्वच्छता अभियान को साकार करने पर बल दिया। कहा कि पवित्रता में कभी कोई कमी नहीं रही है। काशी में ‘हर हर महादेव’ का नाद वातावरण की शुद्धि करता है।
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उन्होंने गंगा निर्मलीकरण को कारगर बनाने पर जोर दिया। कहा कि महादेव ने जिस गंगा को सिर पर धारण कर रखा है, उसमें हम कचरा न डालें। उन्होंने काशी की महिमा का बखान किया। कहा कि काशी आनंद का वन है। यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी और मणिकर्णिका घाट के निकट स्थित कुंड में भगवान शिव ने स्नान किया था। मणिकर्णिका घाट काशी का मुखचंद्र है और इसमें कोई कलंक नहीं है।
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इस मौके पर मुख्य आयोजनकर्ता मदन पालीवाल, ट्रस्टी प्रकाश पुरोहित, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और अभिनेता मनोज तिवारी मृदुल, डॉ. अशोक कुमार राय, डॉ. अमर अनुपम के साथ ही रवींद्र जोशी, रूपेश व्यास, विकास पुरोहित, मंत्रराज पालीवाल, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के अलावा मणिकर्णिका घाट के डोम राज परिवार के सदस्यों ने व्यासपीठ पर पुष्प अर्पित किया।