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जल्द होगा वंदना का दाखिला
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:59 AM IST
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पिंडरा/वाराणसी। गरीबी व आर्थिक तंगी के चलते स्कूल छोड़ चुकी वंदना अब जिला प्रशासन के सहयोग से आगे की शिक्षा पूरी करेगी। 11वीं में प्रवेश के लिए शनिवार को क्षेत्र के दो नामचीन स्कूलों में किसी में दाखिला लेगी। परिवार ने फैसला किया है कि वंदना की अब शादी शिक्षा पूरी होने के बाद करेंगे।
फ़ूलपुर के काशीपुर गांव में मां विद्या देवी के साथ छोटे से छप्पर में रह रही वंदना ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि गरीबी के चलते जिंदगी से हार मान ली थी। लेकिन डीएम साहब से मिलने के बाद उम्मीद जगी है। वंदना की मां विद्या का कहना है कि बिटिया की पहले पढ़ाई पूरी होगी, इसके बाद शादी के लिए विचार होगा। वंदना ने भावुक होकर बताया कि उसका असली घर चौबेपुर क्षेत्र के अजगरा में है। बीमारी के चलते पिता शिवकुमार का देहांत हो गया। भई गांव स्थित ननिहाल में नाना नानी ने हाईस्कूल तक पढ़ाया। बेसहारा हूं, रहने के लिए घर नहीं है। गरीबी रेखा का लाल कार्ड नहीं बना है। पिता की विरासत उसके दादा और चाचा नहीं देना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि परिस्थितियों से आजिज का आकर वंदना ने जान देने का फैसला लिया था। पिछले दिनों डीएम पोर्टिको में वह आग लगाने जा रही थी लेकिन वकीलों ने उसे रोक लिया था।
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फ़ूलपुर के काशीपुर गांव में मां विद्या देवी के साथ छोटे से छप्पर में रह रही वंदना ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि गरीबी के चलते जिंदगी से हार मान ली थी। लेकिन डीएम साहब से मिलने के बाद उम्मीद जगी है। वंदना की मां विद्या का कहना है कि बिटिया की पहले पढ़ाई पूरी होगी, इसके बाद शादी के लिए विचार होगा। वंदना ने भावुक होकर बताया कि उसका असली घर चौबेपुर क्षेत्र के अजगरा में है। बीमारी के चलते पिता शिवकुमार का देहांत हो गया। भई गांव स्थित ननिहाल में नाना नानी ने हाईस्कूल तक पढ़ाया। बेसहारा हूं, रहने के लिए घर नहीं है। गरीबी रेखा का लाल कार्ड नहीं बना है। पिता की विरासत उसके दादा और चाचा नहीं देना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि परिस्थितियों से आजिज का आकर वंदना ने जान देने का फैसला लिया था। पिछले दिनों डीएम पोर्टिको में वह आग लगाने जा रही थी लेकिन वकीलों ने उसे रोक लिया था।
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