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‘घोटालेबाज बाबू’ से कार्य न लेने का आदेश
Updated Thu, 26 Oct 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। प्रमुख सचिव रजनीश दुबे ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उनकी नजर बाबुओं की कार्यशैली पर भी रही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक बाबू पर नाराजगी जताते हुए उससे कार्य न लेने का आदेश दिया। बीएसए कार्यालय में समायोजन और स्थानांतरण का कार्य देख रहे बाबू मनोज मिश्रा पर वो उखड़ गए। जैसे ही बाबू ने अपना नाम बताया, उन्होंने कहा कि अच्छा तो तुम ही ‘घोटालेबाज बाबू’ हो। उन्होंने बीएसए बीबी चौधरी को निर्देशित किया कि इन्हें कार्य से मुक्त किया जाए।
बता दें कि पूर्व बीएसए के दौरान फर्जी नियुक्तियां हुईं थीं। इस मामले में मनोज मिश्रा के खिलाफ शिकायत की गई थी। उन पर मुकदमा भी चल रहा है। पिछले दिनों तहसील दिवस में भी उनके खिलाफ शिकायत आई थी। बुधवार को निरीक्षण के दौरान वो प्रमुख सचिव के निशाने पर आ गए। बीएसए ने बाबू को तुरंज कार्य मुक्त कर दिया। निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने कार्यालय में साफ-सफाई के निर्देश दिए। शिक्षा ग्रह योजना को और प्रभावी बनाने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की औचक उपस्थिति समय समय पर चेक की जानी चाहिए। कार्यालय में रखी फाइलों व कागजात भी उन्होंने देखे और रख रखाव से काफी हद तक संतुष्ट दिखे।
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बता दें कि पूर्व बीएसए के दौरान फर्जी नियुक्तियां हुईं थीं। इस मामले में मनोज मिश्रा के खिलाफ शिकायत की गई थी। उन पर मुकदमा भी चल रहा है। पिछले दिनों तहसील दिवस में भी उनके खिलाफ शिकायत आई थी। बुधवार को निरीक्षण के दौरान वो प्रमुख सचिव के निशाने पर आ गए। बीएसए ने बाबू को तुरंज कार्य मुक्त कर दिया। निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने कार्यालय में साफ-सफाई के निर्देश दिए। शिक्षा ग्रह योजना को और प्रभावी बनाने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की औचक उपस्थिति समय समय पर चेक की जानी चाहिए। कार्यालय में रखी फाइलों व कागजात भी उन्होंने देखे और रख रखाव से काफी हद तक संतुष्ट दिखे।
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