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शिवगंगा के इंजन की कपलिंग में मिली गड़बड़ी
Updated Sun, 10 Sep 2017 02:15 AM IST
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वाराणसी। एक दिन पहले नई दिल्ली से मंडुवाडीह आ रही शिवगंगा एक्सप्रेस की बार-बार कपलिंग खुलने के मामले की जांच पूरी हो गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय ने जांच रिपोर्ट अपने मुख्यालय को भेज दी है। रिपोर्ट में रेल इंजन की कपलिंग में खामी की बात कही गई है। अब मुख्यालय इस रिपोर्ट को जिस शेड का इंजन है, उसे भेजेगा। इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय लापरवाही के चलते शुक्रवार को नई दिल्ली से चलकर मंडुवाडीह आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस बड़े हादसे का शिकार होते-होते बची थी। इलाहाबाद से मंडुवाडीह के बीच पटरी पर दौड़ती ट्रेन का इंजन और बोगियां तीन बार अलग हो गई थीं। इसके बाद अहिमनपुर में मालगाड़ी का इंजन लगाकर ट्रेन मंडुवाडीह लाई गई थी। इस घटना से जहां यात्रियों में दहशत फैल गई थी, वहीं रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के डीआरएम ने तत्काल मामले की जांच का आदेश देते हुए इसकी जिम्मेदारी सीनियर डीएमई (लोको) अशोक कुमार गुप्ता और सीनियर डीएमई (कैरेज एंड वैगन) वीपी सिंह को सौंपी थी। सूत्रों ने बताया कि टीम ने जब बोगियों की जांच की तो उनकी कपलिंग दुरुस्त पाई गई। बाद में पहुंचे इंजन की जांच की गई तो उसकी कपलिंग में खामी मिली। यह इंजन झांसी शेड का है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय भेज दी गई है। वहां से यह रिपोर्ट झांसी शेड को भेजी जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई होगी।
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विभागीय लापरवाही के चलते शुक्रवार को नई दिल्ली से चलकर मंडुवाडीह आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस बड़े हादसे का शिकार होते-होते बची थी। इलाहाबाद से मंडुवाडीह के बीच पटरी पर दौड़ती ट्रेन का इंजन और बोगियां तीन बार अलग हो गई थीं। इसके बाद अहिमनपुर में मालगाड़ी का इंजन लगाकर ट्रेन मंडुवाडीह लाई गई थी। इस घटना से जहां यात्रियों में दहशत फैल गई थी, वहीं रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल के डीआरएम ने तत्काल मामले की जांच का आदेश देते हुए इसकी जिम्मेदारी सीनियर डीएमई (लोको) अशोक कुमार गुप्ता और सीनियर डीएमई (कैरेज एंड वैगन) वीपी सिंह को सौंपी थी। सूत्रों ने बताया कि टीम ने जब बोगियों की जांच की तो उनकी कपलिंग दुरुस्त पाई गई। बाद में पहुंचे इंजन की जांच की गई तो उसकी कपलिंग में खामी मिली। यह इंजन झांसी शेड का है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय भेज दी गई है। वहां से यह रिपोर्ट झांसी शेड को भेजी जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई होगी।
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