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भाजपा ने अंतत: ‘जिताऊ’ पर ही लगाई मुहर

Wed, 27 Mar 2019 01:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2019 01:59 AM IST
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भाजपा ने अंतत: ‘जिताऊ’ पर ही लगाई मुहर
प्रदीप मिश्र
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वाराणसी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को अपनी-अपनी सीटों से उम्मीदवार बना कर पार्टी ने संकेत दे दिया है कि जीत का भरोसा ही टिकट की कसौटी है। दोनों सीटों पर पार्टी अंतर्कलह से भी बचना चाहती थी और पुराने चेहरों पर इसलिए भी दांव लगाया। सिन्हा गाजीपुर सीट को लेकर अड़े हुए थे, जबकि चंदौली में डॉ. पांडेय के मुकाबले स्थानीय स्तर का बड़ा और जिताऊ चेहरा टिकट की दौड़ में शामिल नहीं था। दूसरी ओर भाजपा ने सहयोगी दलों अपना दल (सोनेलाल) और सुभासपा को उनकी हिस्सेदारी देने की गुंजाइश बरकरार रखी है।
आजमगढ़ और जौनपुर जिले की चार में से एक भी सीट पर फैसला न करने से जाहिर होता है कि पार्टी यहां से भी उन्हीं दावेदारों को प्रत्याशी बनाएगी, जो इसी पैमाने पर खरा उतरेंगे। लालगंज, जौनपुर और मछलीशहर सीट से मौजूदा सांसदों को यदि फिर से चुनाव लड़ाना होता तो इसकी घोषणा मंगलवार को ही की जा सकती थी। सूत्रों के मुताबिक सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आजमगढ़ से लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा नेतृत्व राष्ट्रीय स्तर के नेता पर दांव लगा सकता है। लालगंज में पार्टी बसपा प्रत्याशी के नाम का इंतजार कर रही है। वहीं जौनपुर सीट को लेकर अटकलें हैं कि इस या घोसी सीट को वह समझौते के तहत सुभासपा को दे सकती है। अद (एस) से बात नहीं बनने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सुभासपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की जोड़-तोड़ की है। हालांकि सुभासपा को घोसी सीट मिलने की संभावना ज्यादा है। सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर द्वारा दिनभर भाजपा के साथ गठबंधन टूटने के संकेत देने के बाद शाम को इससे किनारा करना बताता है कि भाजपा उन्हें एक सीट दे सकती है। मछलीशहर में राम चरित्र निषाद के लिए ‘गडकरी फैक्टर’ प्रभावी होते नहीं दिख रहा है। यहां से विद्यासागर सोनकर पहले से ही दावेदार थे। अब वाराणसी जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर का नाम भी सामने आ गया है। लालगंज से नीलम सोनकर का टिकट कटने की सूरत में अपराजिता सोनकर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। भदोही से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र की काट के लिए ब्राह्मण उम्मीदवार लड़ाया जा सकता है।
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उधर, अद (एस) के पास मिर्जापुर के अलावा दूसरी सीट के तौर पर राबर्ट्सगंज के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। गठबंधन के तहत उसे यह सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है। वजह यह भी है कि अद (एस) राबटर्सगंज के साथ इलाहाबाद, फूलपुर, फतेहपुर, सलेमपुर और डुमरियागंज सीट पर भी दावा कर रही थी। फूलपुर के अलावा भाजपा ने सभी सीटों से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
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