{"_id":"5c058d8dbdec22414014ddb0","slug":"161543867789-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोला घाट से शिवाला तक स्कीमर से हुई सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोला घाट से शिवाला तक स्कीमर से हुई सफाई
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। अधिकांश समय निष्क्रिय खड़ी रहने वाली स्कीमर मशीन ने सोमवार को गोला घाट से शिवाला घाट तक 61 घाटों तक गंगा की धारा में सफाई की। अमर उजाला ने तस्वीरों सहित खुलासा किया था कि यह मशीन अधिकांश समय गोला घाट पर किनारे खड़ी रहती है। गंगा की धारा से प्लास्टिक कचरा और फूल मालाएं निकालने का काम न होने से गंदगी बरकरार है। रविवार और सोमवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद मशीन संचालक हरकत में आए और गंगा की धारा की सफाई की गई।
स्कीमर मशीन से और मैनुअली सफाई में एक दिन में 61 घाटों से 10 क्विंटल से ज्यादा कचरा निकाला गया। सुपरवाइजर काजू ने बताया कि सोमवार को सबसे अधिक गंदगी शीतला घाट, ललिता घाट और हरिश्चन्द्र घाट पर मिली। मशीन से जहां दिन भर में 442 किग्रा और मैनुअली करीब 600 किलो से अधिक कचरा निकाला गया।
अब लोकेशन भी सही की
तीन करोड़ की स्कीमर मशीन से सफाई के लिए हर माह साढ़े तीन लाख का भुगतान मिशन क्लीन गंगा के तहत किया जाता है। मशीन संचालक को रोज गंगा में सफाई का फोटो अपलोड करना होता है। इसी आधार पर भुगतान होता है। अमर उजाला को ऐसे फोटो मिले थे, जिनमें लोकेशन और पिनकोड कहीं और के थे और मशीन को कहीं ओर थी। सोमवार को छपी खबर गंगा की सफाई में लोकेशन का खेल के बाद मशीन की सफाई के जो फोटो भेजे गए उनमें लोकेशन और कोड सही दर्शाया गया।
विज्ञापन
खानापूर्ति कर लिया जा रहा था पेमेंट
मिशन क्लीन गंगा के तहत इस मशीन को रोज खिड़किया घाट से अस्सी घाट तक सफाई के लिए तैनात किया गया था। मगर ऐसी शिकायतें मिलीं कि मशीन अधिकांश समय गोला घाट के किनारे ही खड़ी रहती है, और कर्मचारी घाट पर बैठकर ताश खेलते हैं। आस पास के एक दो घाटों पर सफाई कर फोटो अपलोड करने की औपचारिकता पूरी कर दी जाती है और भुगतान मिल जाता है।
पार्षद ने कहा, लखनऊ तक करेंगे शिकायत
कामेश्वर महादेव वार्ड के भाजपा पार्षद कुंवर कांत सिंह ने कहा कि गाय घाट उनके ही वार्ड में आता है। कई बार कहने के बाद भी मशीन नहीं चलाई जाती थी। गंगा की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही थी। अब इसकी शिकायत लखनऊ तक की जाएगी। राजमंदिर क्षेत्र के निर्दलीय पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि गंगा सफाई को लेकर इस बार नगर निगम के सदन में मामला उठाया जाएगा।
भुगतान रोका
मैं भी इस कंपनी की व्यवस्था से नाखुश हूं। इसलिए पिछले कई माह से इनका भुगतान रोक दिया गया है। मैंने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें साफ लिखा है कि इस मशीन से सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। इसलिए जांच के लिए टीम भी आने वाली है।
डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त
विज्ञापन
स्कीमर मशीन से और मैनुअली सफाई में एक दिन में 61 घाटों से 10 क्विंटल से ज्यादा कचरा निकाला गया। सुपरवाइजर काजू ने बताया कि सोमवार को सबसे अधिक गंदगी शीतला घाट, ललिता घाट और हरिश्चन्द्र घाट पर मिली। मशीन से जहां दिन भर में 442 किग्रा और मैनुअली करीब 600 किलो से अधिक कचरा निकाला गया।
विज्ञापन
अब लोकेशन भी सही की
तीन करोड़ की स्कीमर मशीन से सफाई के लिए हर माह साढ़े तीन लाख का भुगतान मिशन क्लीन गंगा के तहत किया जाता है। मशीन संचालक को रोज गंगा में सफाई का फोटो अपलोड करना होता है। इसी आधार पर भुगतान होता है। अमर उजाला को ऐसे फोटो मिले थे, जिनमें लोकेशन और पिनकोड कहीं और के थे और मशीन को कहीं ओर थी। सोमवार को छपी खबर गंगा की सफाई में लोकेशन का खेल के बाद मशीन की सफाई के जो फोटो भेजे गए उनमें लोकेशन और कोड सही दर्शाया गया।
विज्ञापन
खानापूर्ति कर लिया जा रहा था पेमेंट
मिशन क्लीन गंगा के तहत इस मशीन को रोज खिड़किया घाट से अस्सी घाट तक सफाई के लिए तैनात किया गया था। मगर ऐसी शिकायतें मिलीं कि मशीन अधिकांश समय गोला घाट के किनारे ही खड़ी रहती है, और कर्मचारी घाट पर बैठकर ताश खेलते हैं। आस पास के एक दो घाटों पर सफाई कर फोटो अपलोड करने की औपचारिकता पूरी कर दी जाती है और भुगतान मिल जाता है।
पार्षद ने कहा, लखनऊ तक करेंगे शिकायत
कामेश्वर महादेव वार्ड के भाजपा पार्षद कुंवर कांत सिंह ने कहा कि गाय घाट उनके ही वार्ड में आता है। कई बार कहने के बाद भी मशीन नहीं चलाई जाती थी। गंगा की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही थी। अब इसकी शिकायत लखनऊ तक की जाएगी। राजमंदिर क्षेत्र के निर्दलीय पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि गंगा सफाई को लेकर इस बार नगर निगम के सदन में मामला उठाया जाएगा।
भुगतान रोका
मैं भी इस कंपनी की व्यवस्था से नाखुश हूं। इसलिए पिछले कई माह से इनका भुगतान रोक दिया गया है। मैंने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें साफ लिखा है कि इस मशीन से सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। इसलिए जांच के लिए टीम भी आने वाली है।
डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त