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बाबा के गर्भगृह में बड़े पात्र से नहीं होगा अभिषेक
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। बाबा विश्वनाथ मंदिर में अब बड़े पात्र से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक नहीं होगा। इसके लिए छोटे पात्र से ही जलाभिषेक करना पड़ेगा। यह निर्णय मंदिर प्रशासन ने शिवलिंग की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। इसका पालन भी बुधवार से शुरू हो गया है।
श्रद्धालु कलश और गगरा में गंगाजल, बड़ी बाल्टी में दूध के अलावा गन्ने का रस आदि लेकर पूजा करने गर्भ गृह में पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में हाथ गीला होने से बड़े पात्र के फिसलने से शिवलिंग को खतरा रहता है। इसको लेकर न्यास परिषद के बैठक में बड़े पात्र को अंदर ले जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ था। जिसका पालन मंदिर प्रशासन ने शुरू करा दिया है। इस नियम का नोटिस पूरे मंदिर परिसर और परिसर के बाहर भी लगा दिया गया। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि बड़े पात्र से श्रद्धालुओं के चोटिल होने और विग्रह के क्षतिग्रस्त होने की आशंका थी। इसलिए प्रतिबंधित किया गया है। अधिकतम आधा लीटर का पात्र ही ले जाया जा सकेगा।
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श्रद्धालु कलश और गगरा में गंगाजल, बड़ी बाल्टी में दूध के अलावा गन्ने का रस आदि लेकर पूजा करने गर्भ गृह में पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में हाथ गीला होने से बड़े पात्र के फिसलने से शिवलिंग को खतरा रहता है। इसको लेकर न्यास परिषद के बैठक में बड़े पात्र को अंदर ले जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ था। जिसका पालन मंदिर प्रशासन ने शुरू करा दिया है। इस नियम का नोटिस पूरे मंदिर परिसर और परिसर के बाहर भी लगा दिया गया। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि बड़े पात्र से श्रद्धालुओं के चोटिल होने और विग्रह के क्षतिग्रस्त होने की आशंका थी। इसलिए प्रतिबंधित किया गया है। अधिकतम आधा लीटर का पात्र ही ले जाया जा सकेगा।
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