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ज्वेलरी डिजाइनिंग में कॅरियर बनाएंगे बनारसी युवा
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:13 AM IST
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वाराणसी। बदलने फैशन और ट्रेंड्स ने कॅरियर के मौके भी युवाओं को खूब दिए हैं। इनमें एक सबसे खास और उभरता कॅरियर विकल्प है ज्वेलरी डिजाइनिंग का। इसमें बढ़ते कॅरियर के विकल्प, युवाओं के रोजगार और कौशल को देखते हुए देश के पांचवें भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान (आईआईजीजे) की शुरुआत 20 जनवरी को रथयात्रा स्थित कुबेर कांप्लेक्स में होने जा रहा है। इसका उद्घाटन महमूरगंज स्थित शगुन लॉन में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह करेंगे।
मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर और कोलकाता के बाद आईआईजीजे का पांचवां कैंपस काशी में खोला जा रहा है, जिसकी आधारशिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रखी थी। द जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की ओर से ये संस्थान काशी में शुरू होने जा रहा है। प्रवीण शंकर पंड्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इच्छा के अनुसार कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान देने के उद्देश्य ये महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ये कैंपस रत्न और आभूषण क्षेत्र में कौशल और प्रतिभा का पोषण करेगा। ये एकमात्र केंद्र होगा जहां गुलाबी मीनाकारी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यहां उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा और उड़ीसा के पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा। यहां ज्वेलरी डिजाइन, विनिर्माण और कैड में छह महीने से एक साल का डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा।
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मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर और कोलकाता के बाद आईआईजीजे का पांचवां कैंपस काशी में खोला जा रहा है, जिसकी आधारशिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रखी थी। द जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की ओर से ये संस्थान काशी में शुरू होने जा रहा है। प्रवीण शंकर पंड्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इच्छा के अनुसार कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान देने के उद्देश्य ये महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ये कैंपस रत्न और आभूषण क्षेत्र में कौशल और प्रतिभा का पोषण करेगा। ये एकमात्र केंद्र होगा जहां गुलाबी मीनाकारी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यहां उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा और उड़ीसा के पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा। यहां ज्वेलरी डिजाइन, विनिर्माण और कैड में छह महीने से एक साल का डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा।
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