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पूर्व आरबीआई गवर्नर के नाम से शुरू होगी स्कॉलरशिप
Updated Fri, 01 Dec 2017 02:10 AM IST
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वाराणसी। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर आईसीएस पंडित लक्ष्मीकांत झा के नाम से स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। यह स्कॉलरशिप अर्थशास्त्र के उन विद्यार्थियों के लिए होगी, जो आर्थिक परेशानियों के चलते पढ़ाई जारी नहीं रख पाते या फिर देश से बाहर पढ़ाई के अवसर को उन्हें पैसों की कमी के चलते छोड़ना पड़ता है। पंडित लक्ष्मीकांत झा की 104वीं जयंती पर गुरुवार को यहां मैथिल समाज वाराणसी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मशहूर निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने यह एलान किया।
बताया कि मैथिल समाज की ओर से स्कॉलरशिप के लिए अगले साल जयंती समारोह तक एक करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य तय किया है। नए साल से स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। जयंती के परिप्रेक्ष्य में आयोजित ‘विमुद्रीकरण: समस्या और संभावनाएं’ विषयक संगोष्ठी में प्रकाश झा ने स्कॉलरशिप के लिए अपनी तरफ से 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
पंडित लक्ष्मीकांत झा गंगाजल, अपहरण सहित कई लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन करने वाले प्रकाश झा के नाना थे। प्रकाश झा ने अपने नाना से जुड़े संस्मरण भी सुनाए। उनके विचारों से आम लोगों को जोड़ने और उन्हें प्रेरित करने के लिए ऐसे आयोजनों की सराहना की। आयोजन के बाद प्रकाश झा ने फिल्म पद्मावती पर किसी तरह की टिप्पणी से इनकार किया। बनारस पर फिल्म बनाने के सवाल पर कहा कि अच्छी स्टोरी मिलेगी तो वह यहां जरूर फिल्म बनाएंगे। इसके पहले जयंती समारोह में स्वागत भाषण परेश दत्त झा ने दिया। एसएन झा ने महाकवि विद्यपति की रचनाएं सुनाईं। वरिष्ठ प्रोफेसर आरपी जायसवाल ने वर्तमान सरकार के विमुद्रीकरण के निर्णय को ऐतिहासिक बताया और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम करार दिया। लेकिन इसके बाद जीएसटी लाने को दूरदर्शिता का अभाव भी कहा। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रो. विजय प्रताप सिंह और सभापति प्रो. यूके चौधरी और पं. लक्ष्मीकांत की पुत्री दीपिका ने भी अपने विचार रखे। संचालन जयशंकर ‘जय’ व धन्यवाद ज्ञापन निरसन कुमार झा तथा संयोजन ऋषि झिंगरन ने किया। समारोह में भोगेंद्र झा, प्रमोद वर्मा, अखिलेश वाजपेई, नटवर झा, अनीसा शाही, डॉ. पंकज झा आदि शामिल रहे।
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बताया कि मैथिल समाज की ओर से स्कॉलरशिप के लिए अगले साल जयंती समारोह तक एक करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य तय किया है। नए साल से स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। जयंती के परिप्रेक्ष्य में आयोजित ‘विमुद्रीकरण: समस्या और संभावनाएं’ विषयक संगोष्ठी में प्रकाश झा ने स्कॉलरशिप के लिए अपनी तरफ से 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
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पंडित लक्ष्मीकांत झा गंगाजल, अपहरण सहित कई लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन करने वाले प्रकाश झा के नाना थे। प्रकाश झा ने अपने नाना से जुड़े संस्मरण भी सुनाए। उनके विचारों से आम लोगों को जोड़ने और उन्हें प्रेरित करने के लिए ऐसे आयोजनों की सराहना की। आयोजन के बाद प्रकाश झा ने फिल्म पद्मावती पर किसी तरह की टिप्पणी से इनकार किया। बनारस पर फिल्म बनाने के सवाल पर कहा कि अच्छी स्टोरी मिलेगी तो वह यहां जरूर फिल्म बनाएंगे। इसके पहले जयंती समारोह में स्वागत भाषण परेश दत्त झा ने दिया। एसएन झा ने महाकवि विद्यपति की रचनाएं सुनाईं। वरिष्ठ प्रोफेसर आरपी जायसवाल ने वर्तमान सरकार के विमुद्रीकरण के निर्णय को ऐतिहासिक बताया और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम करार दिया। लेकिन इसके बाद जीएसटी लाने को दूरदर्शिता का अभाव भी कहा। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रो. विजय प्रताप सिंह और सभापति प्रो. यूके चौधरी और पं. लक्ष्मीकांत की पुत्री दीपिका ने भी अपने विचार रखे। संचालन जयशंकर ‘जय’ व धन्यवाद ज्ञापन निरसन कुमार झा तथा संयोजन ऋषि झिंगरन ने किया। समारोह में भोगेंद्र झा, प्रमोद वर्मा, अखिलेश वाजपेई, नटवर झा, अनीसा शाही, डॉ. पंकज झा आदि शामिल रहे।
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