{"_id":"59ed016a4f1c1bc8678b7143","slug":"161508704618-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी विद्यापीठ के 7972 विद्यार्थी चुनेंगे अपने प्रतिनिधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विद्यापीठ के 7972 विद्यार्थी चुनेंगे अपने प्रतिनिधि
Updated Mon, 23 Oct 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 7972 छात्र-छात्राएं तीन नवंबर को अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। सभी छात्र-छात्राओं को उनके परिचय पत्र जारी कर दिए गए हैं। जो अपना परिचय पत्र अभी नहीं ले पाए हैं, वे अपने विभाग से उसे प्राप्त कर सकते हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। कैंपस में बिना परिचय पत्र के प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर सभी छात्र-छात्राओं के परिचयपत्र रोजाना चेक किए जाएंगे। कुलानुशासक प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता के सभी छात्र-छात्राओं को आचार संहिता, अर्हता और मतदान के दिन किस बूथ पर उन्हें मतदान करना है, ये सभी सूचनाएं उनके मोबाइल पर एसएमएस कर दी जाएंगी। छात्रसंघ चुनाव अधिकारी प्रो. रामप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि चुनाव आचार संहिता के तहत विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह की नारेबाजी, जुलूस पर प्रतिबंध है। कैंपस के अंदर बैनर, होर्डिंग, पोस्टर चिपकाना भी वर्जित है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें चुनाव लड़ने से भी वंचित किया जा सकता है।
विज्ञापन
सुरक्षा के मद्देनजर सभी छात्र-छात्राओं के परिचयपत्र रोजाना चेक किए जाएंगे। कुलानुशासक प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता के सभी छात्र-छात्राओं को आचार संहिता, अर्हता और मतदान के दिन किस बूथ पर उन्हें मतदान करना है, ये सभी सूचनाएं उनके मोबाइल पर एसएमएस कर दी जाएंगी। छात्रसंघ चुनाव अधिकारी प्रो. रामप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि चुनाव आचार संहिता के तहत विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह की नारेबाजी, जुलूस पर प्रतिबंध है। कैंपस के अंदर बैनर, होर्डिंग, पोस्टर चिपकाना भी वर्जित है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें चुनाव लड़ने से भी वंचित किया जा सकता है।
विज्ञापन