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बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर युवक की मौत, परिजन बोले- किडनी निकाल ली गई
Updated Tue, 10 Oct 2017 02:07 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में जून माह में हुई मरीजों की मौत के कारणों की जांच-पड़ताल अभी चल ही रही है, ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान सोनभद्र के बीजपुर निवासी युवक चंद्रिका पनिका (28) की मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक पर इलाज के दौरान मरीज की किडनी निकालने के परिवारीजनों के आरोप से मामला गंभीर हो गया है। मृतक के भाई रमेश कुमार पनिका ने लंका थाने में दी गई तहरीर में किडनी निकालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उधर, 100 नंबर पर सूचना देने के बाद भी सोमवार देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को गलत बताया है।
मृतक के भाई रमेश कुमार पनिका के मुताबिक ससुराल जाते समय हुए सड़क हादसे में उसके भाई चंद्रिका को पैर के अंगूठे और सिर में चोट लग गई थी। बेहोशी की हालत में पहले उसे एनटीपीसी के बीजपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच अक्तूबर की रात 11:30 बजे उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। चिकित्साधिकारी ने शनिवार को ऑपरेशन करने की बात कहकर दवा और उपकरण लाने को कहा। शाम को ऑपरेशन हुआ, तब वह ठीक था। रमेश का कहना है कि आग्रह करने पर भी चिकित्सकों ने घरवालों को चंद्रिका से मिलने नहीं दिया। रविवार की रात चिकित्सक ने चंद्रिका की हालत गंभीर होने की जानकारी दी और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। रमेश ने बताया कि उसके पेट पर गहरे कट का निशान था। पूछने पर चिकित्सकों ने कुछ बताया नहीं। रमेश का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसकी किडनी निकाल ली है।
सोमवार को चंद्रिका की पत्नी अनीता मां-बहन के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंची। रमेश ने बताया कि चिकित्सक पोस्टमार्टम करने को भी तैयार नहीं थे। 100 नंबर पर इसकी सूचना दी गई, कुछ देर बाद पुलिस वहां आई। बावजूद इसके पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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उधर, ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. एसके माथुर ने चंद्रिका के परिवारीजनों के आरोप गलत बताते हुए दावा किया कि मरीज का ऑपरेशन पूरी सतर्कता के साथ किया गया। किडनी निकालने का आरोप गलत है। सात अक्तूबर को चंद्रिका के सिर का ऑपरेशन न्यूरोसर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रविशंकर प्रसाद ने किया था। डॉ. माथुर का कहना है कि अक्सर दुर्घटना के बाद ब्रेन का प्रेशर अधिक रहता है, ऐसे में सिर से हड्डी निकाल कर पेट के आंतरिक हिस्से में रख दी जाती है। प्रेशर कम होने के बाद उसे वापस ब्रेन में लगाया जाता है। परिवारीजनों को इसकी जानकारी देने के साथ ही ऐसे ही कुछ मरीजों को दिखाया गया था। परिवारीजन इससे संतुष्ट थे। पोस्ट ऑपरेटिव यूनिट में ही आठ अक्तूबर की देर रात मरीज की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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मृतक के भाई रमेश कुमार पनिका के मुताबिक ससुराल जाते समय हुए सड़क हादसे में उसके भाई चंद्रिका को पैर के अंगूठे और सिर में चोट लग गई थी। बेहोशी की हालत में पहले उसे एनटीपीसी के बीजपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच अक्तूबर की रात 11:30 बजे उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। चिकित्साधिकारी ने शनिवार को ऑपरेशन करने की बात कहकर दवा और उपकरण लाने को कहा। शाम को ऑपरेशन हुआ, तब वह ठीक था। रमेश का कहना है कि आग्रह करने पर भी चिकित्सकों ने घरवालों को चंद्रिका से मिलने नहीं दिया। रविवार की रात चिकित्सक ने चंद्रिका की हालत गंभीर होने की जानकारी दी और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। रमेश ने बताया कि उसके पेट पर गहरे कट का निशान था। पूछने पर चिकित्सकों ने कुछ बताया नहीं। रमेश का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसकी किडनी निकाल ली है।
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सोमवार को चंद्रिका की पत्नी अनीता मां-बहन के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंची। रमेश ने बताया कि चिकित्सक पोस्टमार्टम करने को भी तैयार नहीं थे। 100 नंबर पर इसकी सूचना दी गई, कुछ देर बाद पुलिस वहां आई। बावजूद इसके पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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उधर, ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. एसके माथुर ने चंद्रिका के परिवारीजनों के आरोप गलत बताते हुए दावा किया कि मरीज का ऑपरेशन पूरी सतर्कता के साथ किया गया। किडनी निकालने का आरोप गलत है। सात अक्तूबर को चंद्रिका के सिर का ऑपरेशन न्यूरोसर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रविशंकर प्रसाद ने किया था। डॉ. माथुर का कहना है कि अक्सर दुर्घटना के बाद ब्रेन का प्रेशर अधिक रहता है, ऐसे में सिर से हड्डी निकाल कर पेट के आंतरिक हिस्से में रख दी जाती है। प्रेशर कम होने के बाद उसे वापस ब्रेन में लगाया जाता है। परिवारीजनों को इसकी जानकारी देने के साथ ही ऐसे ही कुछ मरीजों को दिखाया गया था। परिवारीजन इससे संतुष्ट थे। पोस्ट ऑपरेटिव यूनिट में ही आठ अक्तूबर की देर रात मरीज की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।