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बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए भक्तों की लगी कतार
Updated Mon, 10 Jul 2017 02:11 AM IST
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वाराणसी। सावन के प्रथम सोमवार पर देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक के लिए भोले भक्तों की देर रात लंबी कतार लग गई। बैरीकेडिंग में हजारों भोलेभक्त लेट कर अपनी बारी का इंतजार करते रहे तो जगह-जगह बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। विश्वनाथ मंदिर जाने वाली गलियों, सड़कों पर शाम को ही केसरिया रंग चढ़ गया।
दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते तिल रखने की जगह नहीं थी। पहले सावन पर जलाभिषेक के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पहली बार योगी सरकार में भोले भक्तों के स्वागत के लिए सड़कों से लेकर मंदिर तक रेड कॉरपेट बिछा दी गई है।
बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवरिये तरह-तरह की झांकियां,ध्वजा-पताकाओं से सजी गाड़ियां लेकर काशी देर रात तक पहुंचते रहे। नंगे पैर प्रयाग से काशी आने वाले कांवरियों का उत्साह देखते बना। रात नौ बजे तक बांसफाटक तक भोलेभक्तों की लाइन लग गई थी। गौरी केदारेश्वर, तिल भांडेश्वर, महामृत्युंजय महादेव, शूलटंकेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, जागेश्वर महादेव मंदिरों में रविवार की सुबह आस्था का सैलाब उमड़ेगा।
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कांवरियों की भीड़ को देखते हुए रविवार की आधी रात को ही मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर दोपहिया वाहन भी प्रतिबंधित कर दिए गए। इस सड़क पर सिर्फ जलाभिषेक के लिए आने वाले पैदल भोले भक्त ही चलेंगे।
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दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते तिल रखने की जगह नहीं थी। पहले सावन पर जलाभिषेक के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पहली बार योगी सरकार में भोले भक्तों के स्वागत के लिए सड़कों से लेकर मंदिर तक रेड कॉरपेट बिछा दी गई है।
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवरिये तरह-तरह की झांकियां,ध्वजा-पताकाओं से सजी गाड़ियां लेकर काशी देर रात तक पहुंचते रहे। नंगे पैर प्रयाग से काशी आने वाले कांवरियों का उत्साह देखते बना। रात नौ बजे तक बांसफाटक तक भोलेभक्तों की लाइन लग गई थी। गौरी केदारेश्वर, तिल भांडेश्वर, महामृत्युंजय महादेव, शूलटंकेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, जागेश्वर महादेव मंदिरों में रविवार की सुबह आस्था का सैलाब उमड़ेगा।
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कांवरियों की भीड़ को देखते हुए रविवार की आधी रात को ही मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर दोपहिया वाहन भी प्रतिबंधित कर दिए गए। इस सड़क पर सिर्फ जलाभिषेक के लिए आने वाले पैदल भोले भक्त ही चलेंगे।