{"_id":"59419e924f1c1b8b3c8b4636","slug":"161497472658-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असि नदी किनारे अवैध कब्जा चिह्नित करने को अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असि नदी किनारे अवैध कब्जा चिह्नित करने को अभियान
Updated Thu, 15 Jun 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। असि नदी के किनारे अवैध कब्जा के मामलों का बुधवार की शाम नगर निगम के अधिकारियों ने सर्वे किया। कहीं नदी की तलहटी में पक्की दीवार तो कहीं मकान बने मिले। नदी के उद्गम से संगम स्थल तक अतिक्त्रस्मण करने वालों की जांच शुरू हो गई है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के गुरुवार को असि नदी पर श्रमदान करने की जानकारी मिलने के बाद निगम प्रशासन ने घंटों पसीना बहाया।
रवींद्रपुरी और सहोदरबीर पुलिया के बीच बुधवार को दिन भर जेसीबी से नदी की चौड़ाई बढ़ाने का काम किया गया। यमुना मिशन की ओर से जेसीबी से नदी के किनारों की खुदाई कराई गई। कई जगहों पर अतिक्त्रस्मण भी तोड़े गए। रवींद्रपुरी पुलिया के पास नदी तट के घेरे गए हिस्से को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। वहां जेसीबी से मलबा भी निकाला गया।
उधर, नगर विकास मंत्री के असि नदी के तट पर श्रमदान करने की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। नगर विकास मंत्री के साथ बीएचयू के पर्यावरणविद, भूगोलविद और इतिहासवेत्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं के इस मुहिम में हिस्सा लेंगे। श्रमदान को लेकर असि नदी मुक्ति अभियान, साझा संस्कृति मंच, अग्रणी भारत समेत कई संस्थाएं संपर्क अभियान भी चला रही हैं। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार आरएन सिंह के साथ नगर निगम के जोनल अधिकारी अतुल यादव ने नदी के तटों पर हुए अवैध अतिक्त्रस्मण का सर्वेक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए और उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
रवींद्रपुरी और सहोदरबीर पुलिया के बीच बुधवार को दिन भर जेसीबी से नदी की चौड़ाई बढ़ाने का काम किया गया। यमुना मिशन की ओर से जेसीबी से नदी के किनारों की खुदाई कराई गई। कई जगहों पर अतिक्त्रस्मण भी तोड़े गए। रवींद्रपुरी पुलिया के पास नदी तट के घेरे गए हिस्से को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। वहां जेसीबी से मलबा भी निकाला गया।
विज्ञापन
उधर, नगर विकास मंत्री के असि नदी के तट पर श्रमदान करने की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। नगर विकास मंत्री के साथ बीएचयू के पर्यावरणविद, भूगोलविद और इतिहासवेत्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं के इस मुहिम में हिस्सा लेंगे। श्रमदान को लेकर असि नदी मुक्ति अभियान, साझा संस्कृति मंच, अग्रणी भारत समेत कई संस्थाएं संपर्क अभियान भी चला रही हैं। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार आरएन सिंह के साथ नगर निगम के जोनल अधिकारी अतुल यादव ने नदी के तटों पर हुए अवैध अतिक्त्रस्मण का सर्वेक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए और उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।
विज्ञापन