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विश्वनाथ मंदिर का होगा जीर्णोद्धार
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वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने राजकीय निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। निर्माण निगम विशेषज्ञों से इसकी जांच कराकर प्रस्ताव तैयार करेगा। इसके बाद मंदिर प्रशासन इस कार्य को पूरा कराएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर की पुरानी दीवारों का क्षरण हो रहा है और वह कमजोर हो गई हैं। लिहाजा इन्हें सही कराना जरूरी हो गया है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी है। निर्माण निगम पहले विशेषज्ञों से जांच कराकर रिपोर्ट तैयार करेगा, इसके बाद काम शुरू होगा। निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल सिंह ने बताया कि मंदिर प्रशासन के प्रस्ताव पर निर्माण निगम ने विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। इनसे जांच कराने के बाद मंदिर की मरम्मत की योजना तैयार होगी।
चार साल पहले काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से जांच कराई थी। इसमें पाया था कि मंदिर की दीवारों पर केमिकल और पेंट से पुताई की गई है। इससे पत्थरों का धीरे-धीरे क्षरण हो रहा है और दीवारें कमजोर हो रही हैं। इससे दीवारों की आयु भी कम हो रही है। विशेषज्ञों ने इसे स्टोन कैंसर नाम दिया था। इसके बाद एक और टीम आई। इसने दीवारों पर लगे पेंट और केमिकल को हटाने के लिए जांच की थी। लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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काशी विश्वनाथ मंदिर की पुरानी दीवारों का क्षरण हो रहा है और वह कमजोर हो गई हैं। लिहाजा इन्हें सही कराना जरूरी हो गया है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी है। निर्माण निगम पहले विशेषज्ञों से जांच कराकर रिपोर्ट तैयार करेगा, इसके बाद काम शुरू होगा। निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल सिंह ने बताया कि मंदिर प्रशासन के प्रस्ताव पर निर्माण निगम ने विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। इनसे जांच कराने के बाद मंदिर की मरम्मत की योजना तैयार होगी।
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चार साल पहले काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से जांच कराई थी। इसमें पाया था कि मंदिर की दीवारों पर केमिकल और पेंट से पुताई की गई है। इससे पत्थरों का धीरे-धीरे क्षरण हो रहा है और दीवारें कमजोर हो रही हैं। इससे दीवारों की आयु भी कम हो रही है। विशेषज्ञों ने इसे स्टोन कैंसर नाम दिया था। इसके बाद एक और टीम आई। इसने दीवारों पर लगे पेंट और केमिकल को हटाने के लिए जांच की थी। लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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