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वृत चित्रों में दिखेगी काशी की विरासत
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वाराणसी। काशी की विरासत को संजोएं रखने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली की ओर से पहल की गई है। इसके तहत पांच दिवसीय वृत्त चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें काशी के संगीत, यहां बनने वाले उत्पाद, अखाड़ा, गंगा, मुक्तिधाम, संगीत की विशिष्टताओं पर आधारित वृत्त चित्र दिखाए जाएंगे। अस्सी घाट सुबह-ए-बनारस मंच पर सोमवार से इसकी शुरुआत हो गई।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र क्षेत्रीय केंद्र के देखरेख में होने वाले इस आयोजन में मेरी नजर में काशी, पवित्र भूगोल, मनभावन काशी, मेड इन बनारस, मुक्ति धाम एवं गंगा विश्वेश्वर, काशी की हस्तियां, इसकी ऐतिहासिकता को शामिल किया गया है। सोमवार को पांच दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर जाने माने फिल्म निर्देशक पंकज पराशर के निर्देशन में बनी डॉक्यूमेंट्री मेरी नजर में काशी का प्रदर्शन किया गया। एक घंटे के इस फिल्म में पंकज ने काशी के घाट, मंदिरों, विद्वानों, यहां के शिक्षण संस्थान, गंगा आरती, विरासतों को दिखाया है।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने इस तरह के प्रयास की सराहना करते हुए आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजन के कराए जाते रहने की सलाह दी। अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने पांच दिवसीय कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान पंकज पराशर, डॉ. विजय शंकर शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र क्षेत्रीय केंद्र के देखरेख में होने वाले इस आयोजन में मेरी नजर में काशी, पवित्र भूगोल, मनभावन काशी, मेड इन बनारस, मुक्ति धाम एवं गंगा विश्वेश्वर, काशी की हस्तियां, इसकी ऐतिहासिकता को शामिल किया गया है। सोमवार को पांच दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर जाने माने फिल्म निर्देशक पंकज पराशर के निर्देशन में बनी डॉक्यूमेंट्री मेरी नजर में काशी का प्रदर्शन किया गया। एक घंटे के इस फिल्म में पंकज ने काशी के घाट, मंदिरों, विद्वानों, यहां के शिक्षण संस्थान, गंगा आरती, विरासतों को दिखाया है।
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महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने इस तरह के प्रयास की सराहना करते हुए आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजन के कराए जाते रहने की सलाह दी। अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने पांच दिवसीय कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान पंकज पराशर, डॉ. विजय शंकर शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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