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45 मिनट बाद शुरू हुई सप्तर्षि आरती, श्रद्धालुओं में आक्रोश
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वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को एक बार फिर खींचतान के चलते बाबा विश्वनाथ की सप्तर्षि आरती 45 मिनट देर से शुरू हुई। इसकी सूचना के बाद भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी मंदिर नहीं पहुंचे।
सप्तर्षि अर्चकों से हुए दुर्व्यवहार के बाद हुआ विवाद 24 घंटे बाद भी नहीं सुलझ पाया, इससे अर्चक नाराज थे। शनिवार को भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के सामने मामले को पेश नहीं किए जाने से उनका गुस्सा और बढ़ गया। शाम को सप्तर्षि आरती के दौरान पहुंचे अर्चकों का कहना था कि जब तक कमिश्नर और मुख्य कार्यपालक हमारी बात नहीं सुनेंगे, हम आरती नहीं करेंगे। इस तरह का आचरण ठीक नहीं है। छह महीने पहले भी सप्तर्षि अर्चकों के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अर्चकों के विरोध के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
शुक्रवार को मंदिर प्रशासन के कर्मचारी द्वारा सप्तर्षि अर्चक के साथ दुर्व्यवहार के बाद गर्भगृह में ही सभी पुजारी धरने पर बैठ गए थे। पाली प्रभारी ने मामले को मुख्य कार्यपालक के सामने रखने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। मंदिर प्रशासन की तरफ से एक लिपिक ने फोन पर संपर्क किया और अर्चकों को आश्वासन देकर आरती शुरू कराई। उधर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी कॉल की गई, लेकिन रिसीव नहीं हुई।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र में स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर में चोरी के 48 घंटे बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। मंडलायुक्त के सख्त रुख अपनाने के बाद भी मंदिर प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। चौक इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्हें मंदिर प्रशासन की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने सूचना के बाद जांच की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था।
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सप्तर्षि अर्चकों से हुए दुर्व्यवहार के बाद हुआ विवाद 24 घंटे बाद भी नहीं सुलझ पाया, इससे अर्चक नाराज थे। शनिवार को भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के सामने मामले को पेश नहीं किए जाने से उनका गुस्सा और बढ़ गया। शाम को सप्तर्षि आरती के दौरान पहुंचे अर्चकों का कहना था कि जब तक कमिश्नर और मुख्य कार्यपालक हमारी बात नहीं सुनेंगे, हम आरती नहीं करेंगे। इस तरह का आचरण ठीक नहीं है। छह महीने पहले भी सप्तर्षि अर्चकों के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अर्चकों के विरोध के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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शुक्रवार को मंदिर प्रशासन के कर्मचारी द्वारा सप्तर्षि अर्चक के साथ दुर्व्यवहार के बाद गर्भगृह में ही सभी पुजारी धरने पर बैठ गए थे। पाली प्रभारी ने मामले को मुख्य कार्यपालक के सामने रखने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। मंदिर प्रशासन की तरफ से एक लिपिक ने फोन पर संपर्क किया और अर्चकों को आश्वासन देकर आरती शुरू कराई। उधर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी कॉल की गई, लेकिन रिसीव नहीं हुई।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र में स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर में चोरी के 48 घंटे बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। मंडलायुक्त के सख्त रुख अपनाने के बाद भी मंदिर प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। चौक इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्हें मंदिर प्रशासन की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने सूचना के बाद जांच की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था।